आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं सोमवार को पैदल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं। छात्राओं ने हॉस्टल में खराब भोजन, गंदगी और अव्यवस्थाओं के साथ वार्डन के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत जिला कलेक्टर से की।
Knews Desk- राजस्थान के सिरोही जिले में आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राओं ने सोमवार को हॉस्टल की व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाई। छात्राएं पैदल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के सामने अपनी समस्याएं रखीं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर परेशानी बनी हुई है।
छात्राओं ने कलेक्टर को बताया कि हॉस्टल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता खराब है। उनका आरोप है कि कई बार खाने में कीड़े भी मिल चुके हैं। छात्राओं का कहना है कि शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
भोजन के अलावा हॉस्टल की साफ-सफाई और रहने की व्यवस्थाओं को लेकर भी छात्राओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इन अव्यवस्थाओं के कारण उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वार्डन के व्यवहार पर भी सवाल
छात्राओं ने हॉस्टल की वार्डन के व्यवहार को लेकर भी कलेक्टर से शिकायत की। उनका आरोप है कि जब वे खाने या अन्य सुविधाओं को लेकर अपनी समस्या बताती हैं तो उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की जाती है और अपशब्द कहे जाते हैं। छात्राओं ने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं से जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने करीब एक घंटे तक बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार और शिक्षा विभाग के एडीपीसी को मौके पर बुलाकर मामले की जानकारी ली।
जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश
कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी हॉस्टल में मिलने वाले भोजन, साफ-सफाई, रहने की सुविधाओं और वार्डन के व्यवहार से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए कलेक्टर ने उन्हें सरकारी वाहनों से वापस हॉस्टल भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब चार सरकारी वाहनों से छात्राओं को सुरक्षित हॉस्टल पहुंचाया गया। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।