KNEWS DESK- एअर इंडिया में पायलटों के ड्रग टेस्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी के दो और पायलट शुरुआती ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। हालांकि, दोनों की फाइनल टेस्ट रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। रिपोर्ट आने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी और फ्लाइट रोस्टर से हटा दिया गया है। फाइनल रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बताया गया है कि दोनों पायलटों का शुरुआती टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें तत्काल डी-रोस्टर कर दिया गया। अब तक एअर इंडिया के 300 से अधिक पायलटों का ड्रग टेस्ट किया जा चुका है। एयरलाइन की ओर से यह जांच सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और विमान संचालन में किसी भी तरह के जोखिम को रोकने के उद्देश्य से की जा रही है।
फाइनल रिपोर्ट के लिए 24 से 48 घंटे का इंतजार
दोनों पायलटों के फाइनल टेस्ट की रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे या इससे अधिक समय लग सकता है। शुरुआती जांच में पॉजिटिव पाए जाने का मतलब यह नहीं है कि दोनों पायलटों के खिलाफ अंतिम तौर पर कार्रवाई तय हो गई है। फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अगर फाइनल रिपोर्ट में भी प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत दोनों पायलटों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उन्हें उड़ान से दूर रखा गया है।
300 से ज्यादा पायलटों की जांच
एअर इंडिया ने अपने पायलटों की ड्रग टेस्टिंग का दायरा बढ़ा दिया है। अब तक 300 से अधिक पायलटों की जांच की जा चुकी है। यह अभियान एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों के लिए चलाया जा रहा है।
टाटा ग्रुप की दोनों एयरलाइंस में कुल मिलाकर 5,000 से ज्यादा पायलट हैं। कंपनी ने पायलटों को भेजे एक आंतरिक संदेश में बताया था कि जांच में मौजूदा विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित साइकोएक्टिव पदार्थों और दवाओं की जांच शामिल होगी।
फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के बाद बढ़ी जांच
पायलटों की व्यापक ड्रग टेस्टिंग का फैसला फुकेत से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद लिया गया। 4 अगस्त को फ्लाइट संख्या AI2379 का एयरबस A320 विमान टर्बुलेंस के दौरान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था। विमान में कुल 145 लोग सवार थे, जिनमें 137 यात्री और चालक दल के 8 सदस्य शामिल थे। घटना में कम से कम 24 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
इस घटना के बाद विमान के मुख्य पायलट की ड्रग जांच की गई, जिसमें गांजा यानी मारिजुआना के सेवन की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद एयरलाइन ने अपने पायलटों की ड्रग टेस्टिंग को व्यापक स्तर पर कराने का फैसला किया।
सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से की जा रही जांच को मौजूदा विमानन नियमों के तहत जरूरी प्रक्रिया के अलावा एक एहतियाती कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है। टेस्टिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उड़ान संचालन से जुड़े पायलट किसी प्रतिबंधित या साइकोएक्टिव पदार्थ के प्रभाव में ड्यूटी न करें। पायलटों की जांच गुरुग्राम स्थित ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण सत्रों के दौरान, उड़ान के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर और एयरलाइन के कार्यालयों या संबंधित बेस पर की जा सकती है।
फिलहाल दो पायलटों को फ्लाइट ड्यूटी से हटाकर फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों के खिलाफ आगे क्या कदम उठाया जाएगा। वहीं, 5,000 से अधिक पायलटों वाली दोनों एयरलाइंस में चल रही व्यापक जांच से विमानन सुरक्षा को लेकर कंपनी की सख्ती का संकेत मिलता है।