Knews Desk- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित ‘सत्ता सम्मेलन-उत्तराखंड’ में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। ‘उत्तराखंड की कमल क्रांति’ सत्र में रावत ने कहा कि संसद की कार्यवाही का रिकॉर्ड उठाकर देखा जा सकता है कि सरकार ने कभी भी चर्चा से इनकार नहीं किया।
विपक्ष को सवाल उठाने चाहिए और सरकार उन सवालों का जवाब देती है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को जवाब संतोषजनक नहीं लगता तो वह संसद का बहिष्कार कर सकता है, लेकिन हर बार नया मुद्दा उठाकर संसद की कार्यवाही बाधित करना जनता के पैसे की बर्बादी है।
दिल्ली और झारखंड में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के सवाल पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दोनों घटनाओं की तुलना करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रदर्शन में राहुल गांधी और अखिलेश यादव शामिल हुए, जबकि झारखंड में वे नजर नहीं आ रहे हैं। रावत के मुताबिक, इसकी वजह यह है कि झारखंड में उनके नेता सरकार का हिस्सा हैं।
‘सत्ता सम्मेलन-उत्तराखंड’ में प्रदेश की राजनीति, विकास, पर्यटन, रोजगार, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ भाजपा और कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे। इनमें मदन कौशिक, अजय टम्टा, धन सिंह रावत, हरीश रावत, रमेश पोखरियाल, सतपाल महाराज और प्रदीप बत्रा समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। योग गुरु स्वामी रामदेव भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
कार्यक्रम में युवा पीढ़ी की आवाज को भी मंच दिया गया है। Gen Z का प्रतिनिधित्व एक्टर और प्रोड्यूसर आरुषि निशंक करेंगी। इसके अलावा पूर्व मिस ग्रैंड इंटरनेशनल इंडिया और पूर्व मिस इंडिया उत्तराखंड अनुकृति गुसाईं रावत तथा पौड़ी गढ़वाल के कुई गांव की युवा ग्राम प्रधान साक्षी रावत भी सम्मेलन में अपनी बात रखेंगी।
‘सत्ता सम्मेलन-उत्तराखंड’ में राज्य के विकास की दिशा, पर्यटन की संभावनाओं, युवाओं की चुनौतियों, महिलाओं के अधिकार और Gen Z की भूमिका जैसे अहम विषयों पर मंथन होगा। देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित इस मंच पर धर्म से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।