KNEWS DESK- उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को दर्शन के दौरान करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
घटना सोमवार सुबह हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में हुई। बताया जा रहा है कि बैरिकेडिंग के भीतर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। इसके बाद कतार में खड़े श्रद्धालुओं में डर पैदा हो गया और लोग सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। इसी दौरान कई लोग एक-दूसरे से टकराकर और बैरिकेडिंग से गिरकर घायल हो गए।
अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु घायल
घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उज्जैन के रहने वाले हिंदू बाई, सागर और लक्ष्मीबाई भी घायलों में शामिल हैं। इसके अलावा ग्वालियर की रहने वाली सोनम और खुशी को भी चोटें आई हैं। मध्य प्रदेश के गंजबासौदा से आए अनसूया और उनकी मां ममता भी घायलों में शामिल हैं। वहीं गुजरात के वापी निवासी हरिश्चंद्र और वलसाड निवासी तुलसी तथा उनकी मां रेखा बाई के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बिहार के दरभंगा निवासी सुजीत भी हादसे में घायल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि भगदड़ के दौरान बैरिकेडिंग से टकराने की वजह से हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई। अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की ओर से उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
13 श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे
घटना के बाद करीब 13 श्रद्धालुओं को उनके परिजन और सुरक्षाकर्मी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में घायलों का इलाज किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
करंट फैलने की अफवाह के बाद कुछ समय के लिए मंदिर में दर्शन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में दर्शन व्यवस्था को फिर से सुचारू कर दिया गया।
दो जगह बिगड़े हालात
भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सोमवार सुबह दो अलग-अलग जगहों पर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नीलकंठ द्वार के पास करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ जैसे हालात बने। वहीं दूसरी ओर हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भी भीड़ का दबाव बढ़ गया। भीड़ के दबाव और गर्मी के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है।
प्रशासन और पुलिस की टीम ने दोनों स्थानों पर स्थिति को संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया।
महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर है नागचंद्रेश्वर मंदिर
श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर के ऊपरी तल पर स्थित है। नागपंचमी के अवसर पर इस मंदिर के कपाट विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के कारण मंदिर में भारी भीड़ जुटी थी। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें व्यवस्था संभाल रही हैं। श्रद्धालुओं से भीड़ में धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की जा रही है। वहीं, करंट फैलने की अफवाह की वास्तविकता को लेकर भी संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच की जा रही है।