Knews Desk– दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के दो महिला कॉलेजों में इस साल CUET के जरिए सीटें भरने के बाद भी करीब 2 हजार सीटें खाली रह गई हैं. ऐसे में इन खाली सीटों को भरने के लिए अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज (BNC) में 12वीं के बोर्ड परीक्षा अंकों के आधार पर सीधे एडमिशन दिया जा रहा है. दोनों कॉलेज दिल्ली के बाहरी इलाकों में स्थित हैं और यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से छात्राएं पढ़ने आती हैं.अदिति महाविद्यालय में करीब 1,000 सीटें अभी खाली हैं. कॉलेज में अब तक लगभग 40 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं. वहीं भगिनी निवेदिता कॉलेज में करीब 985 सीटें खाली बताई गई हैं. DU में साल 2022 से CUET के जरिए CSAS पोर्टल के माध्यम से केंद्रीयकृत एडमिशन प्रक्रिया लागू है. हालांकि, इन दोनों कॉलेजों में हर साल बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं.
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि दोनों संस्थानों की लोकेशन भी इसका एक कारण है. दिल्ली के बाहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाली कई छात्राओं के लिए ऑनलाइन केंद्रीय एडमिशन प्रक्रिया में आवेदन करना आसान नहीं होता. कुछ छात्राओं को CUET और CSAS पोर्टल की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती, जबकि कई छात्राएं कॉलेज की दूरी और आने-जाने की सुविधा को भी ध्यान में रखती हैं.खाली सीटों को भरने के लिए पिछले साल DU ने बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर मॉपअप राउंड आयोजित किया था. हालांकि, इस साल दोनों कॉलेजों को पहली बार बोर्ड रिजल्ट के आधार पर सीधे एडमिशन देने की अनुमति मिली है. इसका मकसद उन छात्राओं को भी DU में दाखिले का मौका देना है, जो CUET आधारित प्रक्रिया में एडमिशन हासिल नहीं कर पाईं.
अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज में एडमिशन के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी दी जा रही है. पहला राउंड पूरा हो चुका है और दूसरा राउंड अगले सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है. कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्राओं और अभिभावकों को आवेदन प्रक्रिया में मदद भी दी जा रही है.अदिति महाविद्यालय की प्रिंसिपल नीलम राठी के मुताबिक, आसपास के ग्रामीण इलाकों की कई छात्राओं के लिए केंद्रीय पोर्टल के जरिए आवेदन करना चुनौतीपूर्ण है. इसके अलावा कुछ छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती हैं और ऐसे कॉलेज को प्राथमिकता देती हैं जो उनके घर या कोचिंग सेंटर के करीब हो.
कुछ छात्राओं ने यह भी बताया कि उनके 12वीं के बोर्ड अंक CUET प्रदर्शन से बेहतर थे. नांगलोई की छात्रा राशि भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड में अच्छे अंक होने के बावजूद वह पहले DU में एडमिशन नहीं ले सकीं. अब बोर्ड अंकों के आधार पर सीधे आवेदन का मौका मिलने से ऐसी छात्राओं को राहत मिली है.भगिनी निवेदिता कॉलेज में शिक्षक छात्राओं और उनके अभिभावकों की आवेदन प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं. कॉलेज की ओर से उन्हें बस और मेट्रो रूट की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि आने-जाने से जुड़ी परेशानियां कम हो सकें.इस फैसले से DU के इन दोनों महिला कॉलेजों में खाली सीटों को भरने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. हालांकि, बड़ी संख्या में सीटों का खाली रहना CUET और केंद्रीयकृत एडमिशन व्यवस्था की पहुंच को लेकर भी सवाल खड़े करता है.