Knews Desk- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय सेना के जवान सोमन राणा ने पुरुषों के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं भारत के ही शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों जीतकर डबल पोडियम हासिल किया।
ग्लासगो में शनिवार, 1 अगस्त को हुए फाइनल में सोमन राणा ने 13.40 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए पहला स्थान हासिल किया। मुकाबले के दौरान भारत के शुभम जुयाल 13.08 मीटर के थ्रो के साथ बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन अनुभवी सोमन ने दमदार वापसी की और उनसे आगे निकल गए।
इस जीत के साथ सोमन राणा कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। वहीं शुभम जुयाल ने सिल्वर जीतकर भारत की इस उपलब्धि को और खास बना दिया।
सोमन राणा की इस कामयाबी के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है। भारतीय सेना से जुड़े सोमन पहले बॉक्सिंग किया करते थे। साल 2005 में जम्मू-कश्मीर में पेट्रोलिंग के दौरान वह एक लैंड माइन ब्लास्ट की चपेट में आ गए थे। हादसा इतना गंभीर था कि उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा।
इस घटना के बाद उनका बॉक्सिंग करियर खत्म हो गया, लेकिन खेल के प्रति उनका जुनून बरकरार रहा। उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय पैरा स्पोर्ट्स में नई शुरुआत की और शॉट पुट को अपना नया खेल बनाया।
पैरा एथलेटिक्स में बनाई अलग पहचान
पिछले कई वर्षों से पैरा एथलेटिक्स में सक्रिय सोमन ने लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर किया। उन्होंने 2022 पैरा एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके बाद 2025 पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की। अब CWG 2026 में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
इस स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने भी शानदार प्रदर्शन किया। 13.08 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। शुभम भी भारतीय सेना से जुड़े हुए हैं और लांस नायक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
उत्तराखंड के रुड़की से ताल्लुक रखने वाले शुभम की जिंदगी भी एक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई थी। साल 2012 में आर्मी कैडेट कॉलेज के इंटरव्यू के लिए जाते समय उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें उन्हें एक पैर गंवाना पड़ा। इसके बाद कृत्रिम पैर के सहारे उन्होंने जिंदगी की नई शुरुआत की और पैरा शॉट पुट में अपना करियर आगे बढ़ाया।
सोमन राणा और शुभम जुयाल की सफलता भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों भारतीय सेना से जुड़े हैं और दोनों ने गंभीर हादसों के बावजूद खेल के मैदान में शानदार वापसी की। CWG 2026 में एक ही इवेंट में गोल्ड और सिल्वर जीतकर दोनों खिलाड़ियों ने भारत को डबल पोडियम दिलाया और अपने संघर्ष को ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल दिया।