KNEWS DESK- लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा छात्रों पर कथित फायरिंग का मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई, केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में फायरिंग का आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी स्थिति होती भी है तो गोली चलाने का अधिकार मंत्री के पास नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट के पास होता है।
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि 21 जुलाई को वह प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठ गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने की इच्छा पूरी नहीं होने के कारण उन्होंने ऐसा कदम उठाया। मंत्री ने कहा कि उन्हें समझाने की कोशिश की गई कि यह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है, लेकिन उन्होंने वहां से हटाने की बात कही।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को प्राथमिकता दी। उन्होंने राहुल गांधी की भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना उचित नहीं है और संसद की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।