KNEWS DESK – दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने एक बार फिर सरकार को चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन वापस लेने के बावजूद छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को अभी तक वापस नहीं लिया गया है। ऐसे में यदि सरकार जल्द लिखित आश्वासन नहीं देती, तो CJP दोबारा आंदोलन शुरू करेगा।
सरकार पर वादा निभाने का दबाव
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन ने 25 जुलाई को सरकार के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन समाप्त किया था। उनका दावा है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सौरव दास के मुताबिक, संगठन को पहले से आशंका थी कि आंदोलन खत्म होने के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और अब वही होता दिखाई दे रहा है।
कानूनी लड़ाई में कपिल सिब्बल का साथ
छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर CJP ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ली है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि जिन छात्रों पर मामले दर्ज हुए हैं, उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इस लड़ाई के लिए व्यक्तिगत रूप से 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की और अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की।
सिब्बल ने यह भी कहा कि यदि किसी नागरिक के साथ कानून के दायरे से बाहर जाकर कार्रवाई होती है, तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत हरसंभव कानूनी सहायता दी जाएगी।
हिरासत और FIR को लेकर उठाए सवाल
CJP की कानूनी सलाहकार रत्ना ने दावा किया कि दिल्ली समेत कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कार्रवाई एक विशेष समुदाय के लोगों पर अधिक केंद्रित दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, बिहार सहित कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में FIR दर्ज की गई हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पुलिस या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘साक्षी’ प्लेटफॉर्म की शुरुआत
प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने के लिए CJP ने ‘साक्षी’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी प्रदर्शनकारी के साथ कथित रूप से अनुचित कार्रवाई होती है, तो उससे जुड़े फोटो, वीडियो या अन्य साक्ष्य इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा किए जाएं, ताकि कानूनी प्रक्रिया में उनका उपयोग किया जा सके।
दोबारा आंदोलन की चेतावनी
CJP का कहना है कि यदि सरकार निर्धारित समय के भीतर प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने का लिखित मसौदा जारी नहीं करती या हिरासत और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है, तो संगठन फिर से सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होगा।
वहीं, कपिल सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका केवल कानूनी अधिकारों की रक्षा तक सीमित है। उन्होंने कहा कि आगे आंदोलन करना या न करना संगठन का फैसला होगा, जबकि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिकों को कानून के तहत निष्पक्ष न्याय मिले।