Knews Desk- महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) से जुड़े डिपॉजिट मामले में HDFC बैंक ने अपने तीन शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। बैंक ने अपने प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सशिधर जगदीशन, मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) श्रीनिवास वैद्यनाथन और ग्रुप हेड (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही तीनों अधिकारियों को चेतावनी पत्र भी जारी किए गए हैं।
बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि MSRDC से डिपॉजिट जुटाने की प्रक्रिया से जुड़े मामले की आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की ओर से ‘बिजनेस ओवररीच’ सामने आई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
HDFC बैंक के अनुसार, जांच में किसी भी कर्मचारी द्वारा गलत मंशा, निजी लाभ या अनुचित फायदा उठाने का कोई प्रमाण नहीं मिला। हालांकि, बैंक ने माना कि कुछ मामलों में नियामकीय प्रक्रियाओं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों से संभावित विचलन दिखाई दिया। इसी को ध्यान में रखते हुए अनुशासनात्मक कदम उठाए गए।
स्वतंत्र निदेशकों की समिति की सिफारिश पर फैसला
बैंक ने बताया कि स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की विशेष अनुशासन समिति की सिफारिशों के बाद 23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया। समिति ने संबंधित अधिकारियों के आचरण को ‘बिजनेस ओवररीच’ की श्रेणी में माना। तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹1 लाख का आर्थिक दंड लगाया गया, जबकि अन्य संबंधित कर्मचारियों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। बैंक ने इस फैसले की जानकारी RBI को भी भेजने की बात कही है।
यह मामला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के साथ वर्ष 2017 और 2021 में किए गए डिपॉजिट समझौतों से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के बाद बैंक ने इस पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की थी। जांच के दौरान लगभग ₹45 करोड़ के ब्याज भुगतान से जुड़े कुछ सवाल भी सामने आए, जिनकी समीक्षा की गई।
शेयर बाजार पर दिखा असर
कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद HDFC बैंक के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। पिछले सप्ताह बैंक का शेयर करीब 2% तक फिसलकर BSE पर ₹761.25 तक पहुंच गया था। हालांकि, लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले तीन महीनों में शेयर लगभग 3% मजबूत हुआ है। वहीं, 2026 में अब तक इसमें करीब 11% की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि बीते पांच वर्षों में शेयर लगभग 41% का रिटर्न दे चुका है।