Knews Desk– भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में युवा ऑलराउंडर अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से इतिहास रच दिया। बल्लेबाजी में भले ही वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन गेंद हाथ में आते ही उन्होंने ऐसा कमाल कर दिखाया, जो भारतीय क्रिकेट में पिछले 14 साल से देखने को नहीं मिला था। अभिषेक ने तीन विकेट लेकर न सिर्फ टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया, जो उनसे पहले सिर्फ वीरेंद्र सहवाग के नाम दर्ज था।हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ओपनिंग करने उतरे, लेकिन बल्ले से वह सिर्फ 8 रन ही बना सके। ऐसा लग रहा था कि उनका दिन अच्छा नहीं रहा, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर ने जब उन्हें गेंद थमाई तो उन्होंने मैच का रुख ही बदल दिया। अपनी सटीक लाइन और लेंथ से उन्होंने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और 2.5 ओवर में केवल 17 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटक लिए।
अभिषेक ने ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यमहुरी और रिचर्ड नगरवा को अपना शिकार बनाया। यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन भी है। उनकी शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे को कम स्कोर पर समेटने में सफलता हासिल की।इन तीन विकेटों के साथ अभिषेक शर्मा ने भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में तीन या उससे अधिक विकेट लेने वाले भारत के पहले ओपनिंग बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर भारतीय ओपनर ऐसा करने वाले वह सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं।
इससे पहले यह उपलब्धि भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने हासिल की थी। सहवाग ने 26 फरवरी 2012 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कॉमनवेल्थ बैंक ट्राई सीरीज के वनडे मुकाबले में 9 ओवर में 43 रन देकर 3 विकेट लिए थे। यह उनके वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन भी रहा। अब पूरे 14 साल बाद किसी भारतीय ओपनर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में तीन विकेट लेने का कारनामा दोहराया है।हालांकि सहवाग के उस शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम को जीत नहीं मिली थी, लेकिन अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी इस बार टीम इंडिया के लिए जीत की मजबूत नींव साबित हुई। उन्होंने अपने स्पेल से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और विपक्षी टीम कभी भी मैच में वापसी नहीं कर सकी।
अभिषेक शर्मा पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। उनकी ऑलराउंड क्षमता भारतीय टीम के लिए आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में बेहद अहम साबित हो सकती है।श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके दे रही है और अभिषेक शर्मा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने हर अवसर का पूरा फायदा उठाया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारत को भविष्य के लिए एक बेहतरीन ऑलराउंडर मिल सकता है। 14 साल बाद सहवाग के रिकॉर्ड की बराबरी कर अभिषेक ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि यह भी दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी बड़े मंच पर रिकॉर्ड बनाने का दम रखती है।