Knews Desk– मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन में स्थित Amazon Web Services (AWS) के केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई क्रूज मिसाइलों से हमला किया है। IRGC के अनुसार यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के 24वें चरण के तहत की गई। हालांकि इस दावे की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही Amazon, AWS या बहरीन सरकार की ओर से किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि की गई है।ईरान के सरकारी मीडिया और IRGC से जुड़े समाचार माध्यमों के अनुसार, इस अभियान के दौरान केवल Amazon के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को ही नहीं, बल्कि बहरीन के मुहर्रक और रिफा क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम और रडार प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया। IRGC ने दावा किया कि इन ठिकानों पर कई क्रूज मिसाइलें दागी गईं और अभियान सफल रहा।ईरानी बयान के मुताबिक, यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के डार्कहोविन क्षेत्र में कथित सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया। IRGC का कहना है कि यह प्रतिशोधात्मक कार्रवाई थी और इसके बारे में विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। ईरानी समाचार एजेंसी WANA ने भी इस दावे का हवाला देते हुए बताया कि यह घोषणा IRGC के आधिकारिक बयान संख्या-39 में की गई।
हालांकि दूसरी ओर बहरीन की ओर से अब तक Amazon की किसी डेटा सुविधा को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं की गई है। बहरीन की सेना का कहना है कि उसने अपने क्षेत्र की ओर आने वाले कई प्रोजेक्टाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने किसी बड़े नुकसान या AWS डेटा सेंटर पर हमले की पुष्टि नहीं की है। वहीं Amazon की ओर से भी इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी बड़े क्लाउड डेटा सेंटर पर वास्तव में हमला हुआ होता, तो उसका असर वैश्विक डिजिटल सेवाओं पर भी दिखाई देता। फिलहाल ऐसी किसी व्यापक तकनीकी बाधा या AWS सेवाओं के ठप होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए ईरान के दावे को स्वतंत्र पुष्टि मिलने तक सावधानी के साथ देखा जा रहा है।गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में Amazon से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का दावा किया है। इससे पहले भी अमेरिका के साथ बढ़े तनाव के दौरान तेहरान ने बहरीन में Amazon से संबंधित एक सुविधा पर हमला करने का दावा किया था। हालांकि उस समय भी ऐसे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों के बाद तेहरान ने चेतावनी दी थी कि वह उन पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बना सकता है, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी सेना कर रही है।ऐसे माहौल में ईरान का यह नया दावा क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर नई चिंताएं पैदा कर सकता है। हालांकि फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर Amazon, बहरीन और अन्य स्वतंत्र स्रोतों की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हुई है।