KNEWS DESK- दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई की मांग की गई। हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने इस मामले को तत्काल सुनने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अदालत के पास इस मामले को देखने के लिए समय नहीं है और वकील से कहा कि वह अदालत का समय बर्बाद न करें।
दरअसल, दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर वकील नरेंद्र कुमार मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से जुड़ा हुआ है और इसमें पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की जा रही है। वकील ने अदालत को बताया कि छात्र नीट परीक्षा में पारदर्शिता, परीक्षा संचालन में सुधार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई से जुड़े कुछ वीडियो और अन्य सामग्री का हवाला देते हुए मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की।
हालांकि, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मामले को सुनने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अदालत इस मामले में रुचि नहीं रखती और फिलहाल इसे सुनने का समय नहीं है। जब वकील ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो देखने की बात कही तो सीजेआई ने स्पष्ट किया कि वह वीडियो देखने में रुचि नहीं रखते हैं। सीजेआई ने वकील से कहा कि अदालत के पास कई महत्वपूर्ण मामले लंबित हैं और इस तरह के मामलों में तत्काल सुनवाई संभव नहीं है। उन्होंने वकील को सलाह दी कि वह अदालत का और अपना समय व्यर्थ न करें।
वकील ने रखी छात्रों की मांग
सुनवाई के दौरान वकील नरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और छात्रों की चिंताओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
वकील ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती बरती और इसी कारण अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर मामले को सुनने से इनकार कर दिया।
दिल्ली हाई कोर्ट भी कर चुका है इनकार
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में भी इसी तरह की याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा था कि अदालत को इस तरह के मामलों में बिना उचित प्रक्रिया के शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल जारी
दिल्ली में जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर छात्रों और विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन जारी हैं। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दल छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट दोनों की ओर से तत्काल सुनवाई से इनकार के बाद प्रदर्शनकारियों को न्यायिक राहत के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया का इंतजार करना होगा। वहीं, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है।