तिरुपति देवस्थानम को अनंत अंबानी का बड़ा योगदान, 25 इलेक्ट्रिक बसों से EV बेड़े को मिलेगा बल

Knews Desk– तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा समर्थन मिला है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने संस्थान को 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करने की घोषणा की है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹27.5 करोड़ बताई जा रही है। इस पहल को मंदिर प्रशासन की ईवी (EV) आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हाल ही में अनंत अंबानी ने तिरुपति मंदिर का दौरा भी किया था, जहां उन्होंने पारंपरिक परिधान में पूजा-अर्चना की और सुप्रभात सेवा में हिस्सा लिया। मंदिर दर्शन के दौरान उन्होंने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए मुंडन संस्कार भी कराया, जो तिरुपति आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी एक प्रमुख परंपरा है।

ईवी मोबिलिटी को मिलेगा नया विस्तार
इस दान के तहत मिलने वाली 25 इलेक्ट्रिक बसें तिरुपति मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए उपयोग की जाएंगी। यह पहल मंदिर प्रशासन के उस दीर्घकालिक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

अनंत अंबानी द्वारा की गई यह सहायता केवल बसों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ एक व्यापक सहयोग मॉडल भी शामिल है। रिलायंस इंडस्ट्रीज 50 बस चालकों के वेतन का भी वहन करेगी, जिससे संचालन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही मंदिर परिसर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना भी की जाएगी, ताकि ईवी बसों के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए।

इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि ईवी बेड़े के विस्तार में सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित ड्राइवरों की उपलब्धता होती है। ऐसे में यह पहल दोनों ही चुनौतियों को एक साथ संबोधित करती है, जिससे मंदिर प्रशासन को भविष्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, अनंत अंबानी ने गुजरात स्थित रिलायंस की वन्यजीव संरक्षण पहल ‘वनतारा’ की तर्ज पर टीटीडी की गोशाला के आधुनिकीकरण में सहयोग देने की भी प्रतिबद्धता जताई है। इससे मंदिर से जुड़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण और विकास को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

धार्मिक और सामाजिक पहल का संगम
यह योगदान धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक के संगम के रूप में देखा जा रहा है, जहां पारंपरिक तीर्थस्थल पर पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। तिरुपति मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का यह बेड़ा न केवल सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद करेगा।

अनंत अंबानी का यह कदम तिरुपति देवस्थानम की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।

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