Knews Desk- अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कथित हेराफेरी के विवाद के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसके उलट हाल के दिनों में मंदिर में मिलने वाले दान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां मंदिर में प्रतिदिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये का चढ़ावा बैंक में जमा होता था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 22 से 24 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यानी औसतन लगभग छह लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है जब मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस को जन्म दिया है। हाल ही में चढ़ावे में कथित चोरी को लेकर FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच जारी है। हालांकि, मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दान में यह वृद्धि मुख्य रूप से श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और गर्मी की छुट्टियों के कारण हुई है। छुट्टियों के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिससे दर्शनार्थियों की भीड़ में इजाफा हुआ है।
धार्मिक संगठनों के कुछ प्रतिनिधियों का दावा है कि जैसे-जैसे चढ़ावे से जुड़े छोटे मामलों पर कार्रवाई हुई है, व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और इसका सकारात्मक असर दान राशि पर पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों का मानना है कि यह वृद्धि केवल भक्तों की आस्था और लगातार बढ़ती भीड़ का परिणाम है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु गर्भगृह के पास लगे 20 से अधिक दान बॉक्सों के माध्यम से सीधे दान कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम और कंप्यूटरीकृत काउंटरों के जरिए भी दान स्वीकार किया जाता है।
सूत्रों का अनुमान है कि 2024 से 2026 के बीच करीब 12 करोड़ श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। सामान्य दिनों में प्रतिदिन 50,000 से 60,000 भक्त पहुंचते हैं, जबकि वीकेंड और त्योहारों के दौरान यह संख्या दोगुनी हो जाती है। कैश के अलावा मंदिर में सोना, चांदी, आभूषण, वस्त्र और अन्य कीमती वस्तुएं भी दान के रूप में अर्पित की जाती हैं। विवादों के बीच भी राम मंदिर में चढ़ावे में लगातार बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।