आदित्य ठाकरे के करीबी सचिन अहीर शिंदे गुट में शामिल, महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव

Knews Desk- महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां शिवसेना (यूबीटी) को एक और झटका लगा है। आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाने वाले और विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने एकनाथ शिंदे गुट का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही उन्होंने विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है।

नामांकन के दौरान राज्य की राजनीति के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे, जिनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार और शिवसेना तथा बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। सचिन अहीर लंबे समय से आदित्य ठाकरे के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते रहे हैं और उन्होंने वर्ली विधानसभा क्षेत्र में आदित्य ठाकरे के चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनका पाला बदलना शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर-3’ के तौर पर देखा जा रहा है। शिंदे गुट का दावा है कि आने वाले समय में उद्धव ठाकरे खेमे के और भी विधायक उनके साथ जुड़ सकते हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सचिन अहीर मुंबई की शिवड़ी और वर्ली सीट से तीन बार एनसीपी के विधायक रह चुके हैं। उन्होंने राज्य सरकार में गृह निर्माण राज्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया है। साल 2019 से पहले उन्होंने एनसीपी छोड़कर तत्कालीन अविभाजित शिवसेना का दामन थामा था।

वहीं, 2019 और 2024 के चुनाव में उन्होंने वर्ली सीट पर आदित्य ठाकरे के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी वजह से उन्हें आदित्य ठाकरे के करीबी नेताओं में गिना जाता था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सचिन अहीर को उपसभापति पद का उम्मीदवार बनाकर शिंदे गुट वर्ली क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले समय में यह कदम आदित्य ठाकरे के गढ़ में सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम से महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें आगे के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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