प्रयागराज में गरजे अखिलेश यादव, ‘सनातन की आड़ में गोरखधंधा बर्दाश्त नहीं’, पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर यूपी सरकार को घेरा

डिजिटल डेस्क- समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज का दौरा कर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। यूपी सरकार के 10 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, विशेष रूप से पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग हमेशा सनातन धर्म की रक्षा चाहते हैं, लेकिन धर्म की आड़ में किसी भी तरह का ‘गोरखधंधा’ और भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के मंदिर और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ होगा, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “जो मुख्यमंत्री जी अयोध्या जाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रहे थे और थक नहीं रहे थे, वे आज इन घोटालों पर चुप हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले ‘नेशन फर्स्ट’ (देश पहले) का नारा देते थे, उनकी निगाहें अब सिर्फ ‘डोनेशन फर्स्ट’ (चंदा पहले) पर टिकी हुई हैं।

22 परीक्षाओं में PDA आरक्षण घोटाला, ‘समाजवादी ऑडिट’ का नहीं मिला जवाब

अखिलेश यादव ने प्रयागराज को देश की ‘फाउंडेशन’ (छात्रों का गढ़) बताते हुए कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सरकार सोचे-समझे और संगठित तरीके से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जारी की गई ‘पीडीए (PDA) आरक्षण घोटाला बुकलेट’ में साफ दिखाया गया है कि किस तरह 22 सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हक का घोटाला किया गया है। इसके अलावा, हाल ही में जारी की गई ‘रामनगरी में गोरखधंधा’ नामक समाजवादी ऑडिट बुकलेट-2 पर भी भाजपा कोई जवाब नहीं दे पा रही है। यूपी में लगातार हो रहे पेपर लीक पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में भर्ती का एक नया मॉडल बन गया है— पहले विज्ञापन आता है, फिर परीक्षा होती है, फिर पेपर लीक होता है, मामला कोर्ट जाता है, छात्रों पर लाठीचार्ज होता है और अंत में भर्ती रद्द हो जाती है। दरोगा, नलकूप चालक, यूपी-टेट (UP-TET), सिपाही भर्ती, आरओ-एआरओ (RO-ARO), नीट-पीजी (NEET-PG) और लेखपाल जैसी दर्जनों परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी पेपर लीक होने की खबरें आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

सपा सरकार आने पर लाएंगे ‘वार्षिक भर्ती कैलेंडर’ और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली

छात्रों के हित में अपनी योजनाओं को सामने रखते हुए अखिलेश यादव ने वादा किया कि समाजवादी सरकार आने पर युवाओं को न्याय की गारंटी दी जाएगी। उन्होंने घोषणा की:

  • हर विभाग के लिए एक वार्षिक समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी किया जाएगा।
  • अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी।
  • महिलाओं और दिव्यांग परीक्षार्थियों को उनके गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र अलॉट किया जाएगा।
  • पेपर सेटिंग से लेकर ट्रांसपोर्टेशन, स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों तक पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी (CCTV) और डिजिटल ट्रैकिंग से निगरानी की जाएगी।
  • दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाई जाएगी। अगर किसी तकनीकी या सरकारी गलती से दोबारा परीक्षा करानी पड़ी, तो एडमिट कार्ड के आधार पर छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन व परीक्षा व्यवस्था होगी।

डिप्टी सीएम का विभाग खुद बीमार, स्कूल-अस्पताल सब बंद

स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर तंज कसा और कहा कि उनका खुद का स्वास्थ्य विभाग गंभीर रूप से बीमार है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर में 77 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में से केवल 9 चल रहे हैं और वहां के कई प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं। यही स्थिति प्रयागराज की भी है। उन्होंने लखनऊ अग्निकांड पर दुख जताते हुए कहा कि अगर अस्पतालों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम होते, तो धुएं से दम घुटने के कारण इतने बच्चों की जान नहीं जाती।

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