दिल्ली के 923 कोचिंग सेंटर रडार पर, सरकार ने शुरू किया सख्त सुरक्षा अभियान

Knews Desk- दिल्ली सरकार ने राजधानी में संचालित 923 कोचिंग संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में हुई दर्दनाक मौतों के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी कोचिंग सेंटरों को एक महीने के भीतर फायर ऑडिट कराने और सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को सील कर दिया जाएगा।

लखनऊ हादसे के बाद सख्ती, दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा जांच

हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में कई छात्रों की मौत हो गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। इसी घटना के बाद दिल्ली सरकार ने पहले से मौजूद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोचिंग सेंटरों के लिए नए फायर सेफ्टी नियम

सरकार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अब हर कोचिंग सेंटर को निम्नलिखित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा—

  • दिल्ली फायर सर्विस से फायर NOC लेना जरूरी होगा
  • फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट को मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित करना होगा
  • कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर हर मंजिल पर उपलब्ध होने चाहिए
  • स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म सिस्टम अनिवार्य होंगे
  • इमरजेंसी एग्जिट मार्ग स्पष्ट और बाधारहित होना चाहिए
  • केवल कमर्शियल उपयोग के लिए स्वीकृत भवनों में ही कोचिंग चल सकेगी
  • बेसमेंट में किसी भी प्रकार की कक्षाएं लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
  • हर क्लास में छात्रों की संख्या की सीमा तय की जाएगी

सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

राजेंद्र नगर हादसे के बाद बनी गौबा कमेटी की सिफारिशें

दिल्ली में 2024 में राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद जस्टिस आर.के. गौबा कमेटी का गठन किया गया था।

कमेटी ने करीब 5000 पन्नों की रिपोर्ट में कोचिंग सिस्टम में व्यापक सुधार के सुझाव दिए थे। दिल्ली सरकार अब इन सिफारिशों को अगले तीन महीनों में लागू करने की तैयारी कर रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सख्त दिशा-निर्देश

कमेटी की प्रमुख सिफारिशों में शामिल हैं—

  • कोचिंग सेंटर केवल कमर्शियल भवनों में ही चलें
  • रिहायशी इलाकों में कोचिंग संचालन पर रोक हो
  • बेसमेंट का उपयोग किसी भी शैक्षणिक गतिविधि के लिए न हो
  • भवनों में पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा निकास व्यवस्था हो
  • नियमित सुरक्षा निरीक्षण अनिवार्य किया जाए

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर भी फोकस

सिफारिशों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित पढ़ाई पर भी जोर दिया गया है—

  • हर कोचिंग में काउंसलर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ होना चाहिए
  • पढ़ाई के घंटों की अधिकतम सीमा तय की जाए
  • छात्रों को नियमित ब्रेक दिए जाएं
  • शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत की जाए

कोचिंग संचालन के लिए नए नियम

सरकार ने संचालन से जुड़े मानकों पर भी कड़ाई करने का फैसला किया है—

  • सभी कोचिंग सेंटरों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन होगा
  • बैच साइज पर नियंत्रण रखा जाएगा
  • शिक्षकों की योग्यता और वेतन मानक तय होंगे
  • फीस स्ट्रक्चर पहले से घोषित करना होगा
  • फर्जी प्रचार और “टॉपर मार्केटिंग” पर रोक लगेगी
  • रिफंड पॉलिसी पारदर्शी बनानी होगी

दिल्ली सरकार का सख्त संदेश

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने निरीक्षण तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में कई कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई संभव है।

दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी के सभी कोचिंग संस्थान सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-हितैषी माहौल में संचालित हों, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दर्दनाक दुर्घटना को रोका जा सके।

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