Knews Desk– अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस पूरे मामले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ट्रस्ट ने “ध्यान भटकाने” के लिए एफआईआर दर्ज कराई है।
संजय सिंह ने गुरुवार को विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष पेश होकर जांच से जुड़े कई दस्तावेज सौंपे। उन्होंने दावा किया कि ये दस्तावेज जांच के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने में मदद कर सकते हैं। सांसद के अनुसार, एसआईटी की ओर से उन्हें पहले ही सहयोग के लिए संपर्क किया गया था और जांच में शामिल होने का अनुरोध किया गया था।
सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर चंदा प्रबंधन और भूमि खरीद से जुड़े मामलों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को दबाने और मुख्य आरोपों से ध्यान हटाने के लिए कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि ट्रस्ट के पास पहले से CCTV फुटेज मौजूद थी, तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें शामिल सभी स्तरों की जांच होनी चाहिए। संजय सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके पास मौजूद दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। हाल ही में SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसे आगे की जांच प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी इस मामले पर लगातार सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि इस मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और जांच की दिशा पहले से तय हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि SIT गठन के पीछे भी कई सवाल हैं और समय पर कार्रवाई न होने से कई अहम सबूत प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल SIT पूरे मामले की जांच कर रही है और विभिन्न पक्षों से दस्तावेज व बयान जुटाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच की दिशा और भी स्पष्ट होने की संभावना है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।