जल्द सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल,  पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने दिए संकेत

Knews Desk- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में आई गिरावट का असर जल्द ही देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि अगर कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचता है, तो उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फिलहाल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) पहले से ऊंची कीमतों पर खरीदे गए कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कम कीमत वाला कच्चा तेल रिफाइनरियों तक पहुंचेगा, पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की संभावना बनेगी।

मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों और पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और उसके बाद भी पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती की है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा। उनके अनुसार, सरकार ने करीब 10 रुपये प्रति लीटर का भार खुद वहन किया है।

हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में भारत उन देशों में शामिल है जहां पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में सबसे कम वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया, लेकिन भारत ने इसका पूरा असर आम जनता पर नहीं पड़ने दिया।

हालांकि, हाल के सप्ताहों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। इसके बावजूद, पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद बढ़ गई है।

वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कच्चे तेल की सस्ती खेप भारत पहुंचने के बाद उन्हें कब राहत मिलती है।

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