KNEWS DESK- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानवता को एक सूत्र में पिरोने वाली शक्ति बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग आज व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह विश्व के बेहतर भविष्य के निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग मानव चेतना, ऊर्जा और संतुलन का ऐसा मार्ग है, जो समाज और देशों के बीच एकता को मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल में उपस्थित होना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने इस भूमि को भगवान रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद जैसे महान संतों और योगियों की कर्मभूमि बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय योग और अध्यात्म का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया, जबकि महर्षि अरविंद ने योग को जीवन के व्यापक दर्शन के रूप में प्रस्तुत किया। ऐसे महान व्यक्तित्वों की धरती पर सामूहिक योग का अनुभव एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के हर कोने से उत्साहजनक तस्वीरें सामने आ रही हैं। हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर हिंद महासागर के तटों तक, पूर्वोत्तर राज्यों से लेकर पश्चिमी भारत के सौराष्ट्र क्षेत्र तक लोग बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि योग ने आज दुनिया के करोड़ों लोगों को एक साझा मंच पर खड़ा कर दिया है और यह वैश्विक स्वास्थ्य एवं शांति का प्रतीक बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन का प्रत्येक कार्य योग का हिस्सा हो सकता है। जब योग व्यक्ति के स्वभाव में शामिल हो जाता है, तब वह केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन, विचार और समाज को भी सकारात्मक दिशा देता है।
उन्होंने कहा कि योग किसी विशेष आयु वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है। यह हर व्यक्ति के जीवन में संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21 जून वर्ष का वह दिन है जब पृथ्वी के कई हिस्सों में सबसे लंबी अवधि का दिन होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण अब यह तारीख दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक स्वास्थ्य और कल्याण उत्सव के रूप में भी पहचानी जाती है।
उन्होंने देशवासियों और विश्व समुदाय को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल भारत की प्राचीन विरासत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एक अमूल्य उपहार है।