डिजिटल डेस्क- अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान सामने आया है। नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर प्रबंधन की लचर व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा है कि राम मंदिर परिसर बिना किसी जवाबदेही के ‘मिनी सिटी’ में तब्दील हो चुका है। उन्होंने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि परिसर में करीब 1500 से अधिक गैर-जिम्मेदार लोग (स्वयंसेवक) बिना किसी लिखित आदेश के काम पर लगा लिए गए हैं, जिनके कार्यों का न तो कोई विभाजन किया गया है और न ही कोई जिम्मेदारी तय है। पूरा काम महज औपचारिक रूप से चल रहा है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता पूरी तरह गायब है।
ट्रस्ट के मैनेजमेंट पर उठे सवाल, अनुभवी हाथों को कमान सौंपने की मांग
नृपेंद्र मिश्र के इन गंभीर आरोपों ने सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चेयरमैन ने कहा कि वर्तमान लचर प्रशासनिक ढांचे को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की समीक्षा करने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने मंदिर संचालन के लिए एक मजबूत और बड़े कॉर्पोरेट जैसे स्ट्रक्चर की वकालत की है। उनका मानना है कि अब विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर की व्यवस्थाओं को पेशेवर और अनुभवी लोगों के हाथों में सौंप दिया जाना चाहिए, जहां हर कर्मचारी की लिखित जिम्मेदारी तय हो और पूरी कार्यप्रणाली पारदर्शी और जवाबदेह बने।
एसआईटी जांच के बीच सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट होने पर जताई गंभीर चिंता
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी होने के आरोपों की जांच इस समय विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। इस बीच, नृपेंद्र मिश्र ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि मंदिर में काउंटिंग के दौरान सीसीटीवी कैमरों में एक कर्मचारी द्वारा नोटों के बंडल को बॉक्स में रखने के बजाय बाहर निकालने की झलक दिखाई दी थी। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग महज 45 दिनों में डिलीट हो गई। उन्होंने डाटा बैकअप और सेव करने की कोई व्यवस्था न होने को मैनेजमेंट की सबसे बड़ी खामी बताया, जिसके कारण एसआईटी को जांच करने में भारी कठिनाई आ रही है।
चंपत राय के ड्राइवर पर लगे आरोपों को बताया प्रबंधन पर बड़ा दाग
नृपेंद्र मिश्र ने गर्भगृह में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए जाने वाले सोने-चांदी के जेवरों का सही रिकॉर्ड न रखने को भी बेहद गंभीर मामला बताया है। एक इंटरव्यू के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर लगे चढ़ावा चोरी के आरोपों पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए जो निगरानी होनी चाहिए थी, उसमें बड़ी लापरवाही हुई है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि मंदिर की मौजूदा प्रबंधन व्यवस्था पर निश्चित रूप से यह बहुत बड़ा और गहरा दाग लगा है।
सीएम योगी की अपील का हवाला देकर 15 दिन रुकने की कही बात
हालांकि, मंदिर व्यवस्था की कमियों को खुलकर उजागर करने के साथ ही नृपेंद्र मिश्र ने धैर्य रखने की सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले पर अपील की है और एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अगले 15 दिनों में आने वाली है। ऐसे में हमें इस दौरान बीच में किसी पर नए आरोप लगाने के बजाय 15 दिनों तक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर लेना चाहिए। सूत्रों की मानें तो एसआईटी अपनी रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन की इन तमाम गंभीर खामियों को प्रमुखता से शामिल करने वाली है, जिसके बाद अयोध्या राम मंदिर के मैनेजमेंट में कई बड़े और ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।