डिजिटल डेस्क- अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सीधे और बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि राम मंदिर से करोड़ों रुपये के चंदे की चोरी होने के बावजूद अब तक इस मामले में एक भी एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस महापाप में शामिल बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश कर रही है।
‘करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र, फिर भी कार्रवाई से बच रही सरकार’
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर को करोड़ों हिंदुओं की अटूट आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि उसी राम मंदिर से करोड़ों रुपये का दान चोरी हो गया, फिर भी एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। सरकार आखिर किसे बचा रही है? इस पाप में शामिल लोग चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें सीधे जेल की सलाखों के पीछे डाल देना चाहिए। देश के करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
200 करोड़ कैश और कीमती आभूषणों की चोरी का दावा, केंद्रीय एजेंसियों पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने चोरी की गई राशि का अनुमान बताते हुए कहा कि प्रारंभिक तौर पर करीब 200 करोड़ रुपये का कैश गायब होने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही गर्भगृह और दान पेटी से कई बेशकीमती हीरे-जवाहरात के बक्से भी चोरी हुए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों जगह एक ही दल की सरकारें होने के बावजूद न तो यूपी पुलिस ने, न केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक कोई मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी वारदात पर न तो कहीं कोई छापेमारी की गई और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई।
‘घोटाले में शामिल हैं बड़े नाम, कार्रवाई हुई तो गिर सकती है सरकार’
आम आदमी पार्टी के मुखिया ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि चढ़ावा चोरी के इस बड़े घोटाले में बेहद रसूखदार और बड़े-बड़े नाम शामिल हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि अगर इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की जाती है, तो उत्तर प्रदेश की सरकार भी गिर सकती है। केजरीवाल ने सीधे जनता से सवाल पूछते हुए कहा कि आपके हिसाब से इस वक्त किसे बचाना ज्यादा जरूरी है एक सरकार को या फिर देश के करोड़ों सनातनी भाई-बहनों की आस्था को? आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले इन सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ तुरंत कानूनी एक्शन लिया जाए।
एसआईटी की रडार पर ट्रस्टी और बैंक कर्मी, जल्द सीएम योगी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
दूसरी तरफ, राम मंदिर में कथित हेराफेरी के इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार अयोध्या में डेरा डाले हुए है। एसआईटी की गहन जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसमें भारी मात्रा में नकदी के अलावा चांदी के हार और भगवान की चरण-पादुकाओं की हेराफेरी की बातें भी सामने आ रही हैं। इस समय मंदिर से जुड़े कई ट्रस्टी, बैंक कर्मचारी और आउटसोर्सिंग स्टाफ जांच एजेंसी की रडार पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद एसआईटी अगले सात दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने जा रही है। सीएम योगी ने पहले ही साफ कर दिया है कि आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।