KNEWS DESK- कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक बार फिर चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के ऐलान के बाद अब माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार राज्य की कमान संभाल सकते हैं। इसी बीच उनकी संपत्ति और राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में गिने जाते हैं। उनके और उनके परिवार के पास हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।
साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, डीके शिवकुमार और उनके परिवार की कुल संपत्ति 1,413.78 करोड़ रुपये है। इससे पहले 2018 के चुनाव में उन्होंने 840.08 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी।
यानी पांच साल के भीतर उनकी संपत्ति में करीब 573 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
भारी संपत्ति के साथ-साथ डीके शिवकुमार पर बड़ी देनदारी भी है। हलफनामे के अनुसार उन पर लगभग 263 करोड़ रुपये का कर्ज है। उनकी कुल संपत्ति में 273.42 करोड़ रुपये की चल संपत्ति, 1,140.36 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।
अगर सिर्फ व्यक्तिगत अचल संपत्ति की बात करें तो डीके शिवकुमार के नाम करीब 972.65 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतें दर्ज हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अरबों की संपत्ति रखने वाले डीके शिवकुमार के नाम सिर्फ एक रजिस्टर्ड गाड़ी है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास एक पुरानी Toyota Qualis कार है।
हालांकि उन्हें लग्जरी घड़ियों का काफी शौक है। उनके पास Rolex और Hublot जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की महंगी घड़ियां हैं। इसके अलावा उन्होंने सोना और चांदी में भी निवेश किया हुआ है।
डीके शिवकुमार लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति का अहम चेहरा रहे हैं। उन्होंने 1980 के दशक में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 1989 में पहली बार विधायक बने।
वह फिलहाल कनकपुरा सीट से विधायक हैं और कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राज्य सरकार में ऊर्जा और शहरी विकास जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके शिवकुमार को पार्टी का मजबूत रणनीतिकार माना जाता है।
2023 के चुनावी हलफनामे में डीके शिवकुमार ने यह भी बताया था कि उनके खिलाफ 19 आपराधिक मामले लंबित हैं।
इसके बावजूद कांग्रेस संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है और पार्टी के भीतर उन्हें संकटमोचक की भूमिका में देखा जाता है।
साल 2017 में गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों को टूट से बचाने के लिए बेंगलुरु के एक रिजॉर्ट में रखा गया था। उस पूरे राजनीतिक प्रबंधन में डीके शिवकुमार की अहम भूमिका रही थी। इसके बाद से राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान एक मजबूत संगठनकर्ता और राजनीतिक मैनेजर के रूप में बनी।
2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था और अब उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं तेज मानी जा रही हैं।