KNEWS DESK- कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलें अब तेज हो गई हैं। दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई लंबी और अहम बैठकों के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि सिद्धारमैया जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली स्थित एआईसीसी कार्यालय में करीब सात घंटे तक चली मैराथन बैठक के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व—मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला—ने सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान पार्टी में चल रहे 50-50 सत्ता बंटवारे के फॉर्मूले पर भी गंभीर मंथन हुआ।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच हुई एक अलग ‘वन-टू-वन’ बातचीत में पार्टी हित और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व परिवर्तन पर सहमति बनी। सूत्रों का दावा है कि हाईकमान ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका देने और राज्यसभा सीट की पेशकश भी की है।
इसके अलावा उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को भी नई कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक के बाद सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ भी चर्चा की, जहां उन्हें इस्तीफा न देने के लिए भावनात्मक रूप से मनाने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के फैसले का सम्मान करते हैं और राहुल गांधी की बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
अब संभावना जताई जा रही है कि गुरुवार को सिद्धारमैया अपने इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं। इसके साथ ही कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी और नए मुख्यमंत्री के नाम पर भी जल्द फैसला लिया जा सकता है।
कांग्रेस नेतृत्व अब इस पूरे बदलाव को सुचारू रूप से पूरा करने की कोशिश में जुटा है ताकि राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहे और आगामी चुनावी तैयारियों पर असर न पड़े।