Knews Desk- बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में विशाल रोड शो निकालकर अपनी चुनावी ताकत का प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एनडीए सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए सियासी मुकाबले को और तेज कर दिया।
सोमवार को आयोजित रोड शो भट्टाचार्य मोड़ से शुरू होकर पीरमुहानी, बुद्ध मूर्ति, साहित्य सम्मेलन और दरियापुर होते हुए गांधी मैदान के पास समाप्त हुआ। खुले रथ पर बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के साथ नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहे। रास्ते भर पार्टी समर्थकों ने फूल बरसाकर नेताओं का स्वागत किया, जबकि ढोल-नगाड़ों और नारों से पूरा इलाका चुनावी रंग में रंगा नजर आया।
विकास के मुद्दे पर मांगा समर्थन
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों से एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि पटना में मेट्रो, जेपी गंगा पथ और अन्य विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए बीजेपी उम्मीदवार की जीत जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय ही कुछ नेता जनता के बीच दिखाई देते हैं, जबकि एनडीए सरकार लगातार लोगों की सेवा में लगी रहती है।
बीजेपी नेताओं का दावा है कि इस रोड शो से कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिला है। पार्टी का कहना है कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं और घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियों तथा विकास कार्यों को जनता तक पहुंचा रहे हैं। बीजेपी का विश्वास है कि बांकीपुर में उसका मजबूत जनाधार इस बार भी बरकरार रहेगा।
उधर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी और राज्य सरकार पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकारी मशीनरी और जीविका समूहों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है। प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनके समर्थक आयोग के कार्यालय के बाहर धरना देंगे।
जनता के बीच लगातार सक्रिय पीके
प्रशांत किशोर इन दिनों बांकीपुर में पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से जलजमाव और अन्य बुनियादी समस्याओं से परेशान लोग इस बार बदलाव चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से हटकर नया विकल्प चुन सकती है।
सोमवार के घटनाक्रम के बाद बांकीपुर का चुनाव और अधिक दिलचस्प हो गया है। एक ओर बीजेपी अपने संगठन और नेतृत्व के दम पर जीत का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर बदलाव के मुद्दे को लेकर मैदान में डटे हैं। अब सभी की नजर 30 जुलाई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि बांकीपुर की जनता किस पर भरोसा जताती है।