पंजाबः जालंधर के 6 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सीएम मान और रवनीत बिट्टू भी निशाने पर, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

डिजिटल डेस्क- पंजाब के जालंधर में गुरुवार का सूरज दहशत की खबरों के साथ उगा। शहर के करीब आधा दर्जन प्रमुख स्कूलों को एक साथ धमकी भरे ई-मेल मिलने से हड़कंप मच गया। इन मेल में न केवल स्कूलों को बम धमाकों और आत्मघाती कार हमलों से उड़ाने की बात कही गई है, बल्कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जालंधर के प्रसिद्ध एपीजे स्कूल ने सुरक्षा कारणों और बच्चों की सलामती को प्राथमिकता देते हुए तुरंत छुट्टी घोषित कर दी। वहीं, बीएसएफ स्कूल को भी आनन-फानन में खाली करवाया गया। अभिभावकों में डर का माहौल देखा गया और वे अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि, पुलिस का कहना है कि एहतियात के तौर पर यह कदम उठाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

धमकी भरे मेल में ‘खतरनाक’ साजिश का जिक्र

जांच एजेंसियों के हाथ लगे ई-मेल में बेहद गंभीर और डराने वाली बातें लिखी गई हैं। मेल में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि 7 से 9 मई के बीच बच्चे स्कूल और कॉलेज न जाएं। इसमें ‘आत्मघाती कार आईईडी हमला’ और बीएसएफ (BSF) व आर्मी कैंट पर ‘ग्रेनेड अटैक’ करने जैसी खौफनाक साजिशों का जिक्र है। इतना ही नहीं, मेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का नाम लेते हुए कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का बदला लेने की बात कही गई है। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस धमकी के पीछे किसी कट्टरपंथी या विदेशी संगठन का हाथ हो सकता है।

जालंधर से लेकर अमृतसर तक अलर्ट

धमकी वाले इस ई-मेल में केवल जालंधर ही नहीं, बल्कि पंजाब के कई अन्य संवेदनशील इलाकों जैसे आदमपुर, बाबा बकाला, अमृतसर, जीरा, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब का भी नाम शामिल है। इसके बाद से इन सभी जिलों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

साइबर सेल की जांच शुरू

जालंधर पुलिस और पंजाब पुलिस की साइबर सेल की टीमें ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने में जुट गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह किसी की शरारत या समाज में दहशत फैलाने की कोशिश भी हो सकती है, लेकिन जिस तरह से वीवीआईपी (VVIP) और सुरक्षा संस्थानों के नाम लिए गए हैं, उसे गंभीरता से लिया जा रहा है। राज्य की खुफिया एजेंसियां और केंद्र की टीमें भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

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