Knews Desk-पंजाब पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग पहल ‘युवा सांझ’ राज्य में युवाओं को अपराध, नशे और गैंगस्टर संस्कृति से दूर रखने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान के रूप में सामने आई है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 2,358 ऐसे युवाओं की पहचान की गई है, जो सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से हिंसा, ऑनलाइन कट्टरता या गैंगस्टर प्रभाव की ओर आकर्षित हो सकते थे।
पुलिस के अनुसार, यह पहल ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान का ही एक निवारक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को समय रहते सही दिशा देना भी है। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को काउंसलिंग, जागरूकता और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है।

कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन की विशेष डीजीपी Gurpreet Kaur Deo के नेतृत्व में इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक कई संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं और आने वाले महीनों में और सत्रों की योजना है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाई जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम में दो-स्तरीय रणनीति अपनाई गई है एक ओर संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दूसरी ओर युवाओं के साथ लगातार संवाद और निगरानी। इसके तहत मनोवैज्ञानिक परामर्श, परिवार की भागीदारी और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग शामिल किया गया है।
पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने कहा कि उद्देश्य स्पष्ट है अपराध नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को उससे दूर रखना। उन्होंने बताया कि जिन मामलों में गहन हस्तक्षेप की जरूरत होती है, उन्हें जिला स्तर पर काउंसलिंग और पुनर्वास केंद्रों से जोड़ा जाता है। अब तक सैकड़ों युवाओं को काउंसलिंग दी गई है और कई को रोजगार, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। कार्यक्रम में जिला पुलिस, प्रशासन, एनजीओ, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी संगठन भी शामिल हैं।
फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने इस पहल को प्रभावी बताते हुए कहा कि इससे न केवल अपराध में कमी आई है, बल्कि युवाओं को गलत संगत से बचाने में भी मदद मिली है। पंजाब पुलिस का कहना है कि यह पहल देश में सामुदायिक पुलिसिंग का एक अनोखा मॉडल बन सकती है, जिसका लक्ष्य युवाओं को अपराध से दूर रखकर एक सुरक्षित और सकारात्मक भविष्य देना है।