चंद्रनाथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, सिलीगुड़ी कनेक्शन ने उलझाई गुत्थी, OLX से फोटो चुराकर हमलावरों ने बनाई थी नकली नंबर प्लेट

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस हत्याकांड में ऐसे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं जिसने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। जांच में अब एक ‘सिलीगुड़ी कनेक्शन’ सामने आया है, जिससे साफ पता चलता है कि हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना प्लानिंग की थी। चंद्रनाथ रथ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हमलावरों ने उन्हें बेहद करीब से चार गोलियां मारी थीं। शुरुआती जांच के अनुसार, हत्या में 7.6 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। जिस तरह से कार का शीशा भेदकर सटीक निशाना लगाया गया, उससे पुलिस को शक है कि इस कांड में पेशेवर ‘सुपारी किलर्स’ (शार्प शूटर) शामिल हो सकते हैं। फॉरेंसिक टीम और सीआईडी (CID) की टीमें लगातार सबूत जुटाने में लगी हैं।

नंबर प्लेट का ‘OLX’ कनेक्शन

हत्याकांड की जांच में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस ने घटनास्थल पर हमलावरों द्वारा छोड़ी गई कार के नंबर प्लेट की जांच की। आरटीओ (RTO) रिकॉर्ड के अनुसार, वह नंबर सिलीगुड़ी के मातिगारा निवासी जोसेफ विलियम्स के नाम पर दर्ज था। जब पुलिस ने जोसेफ से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि उनकी कार उनके पास ही है। जांच में खुलासा हुआ कि जोसेफ ने अपनी कार बेचने के लिए OLX पर विज्ञापन दिया था, जिसमें कार की फोटो और नंबर प्लेट साफ दिख रही थी। हमलावरों ने वहीं से फोटो चुराकर ठीक उसी नंबर, उसी रंग और उसी मॉडल की कार के लिए नकली नंबर प्लेट तैयार करवाई। इस खुलासे ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी तकनीकी रूप से काफी चालाक थे और पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी।

रेकी और फुलप्रूफ प्लानिंग

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल से मिले सबूतों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से यह संकेत मिलता है कि हमलावरों ने कई दिनों तक चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों की रेकी की थी। बुधवार रात जब उनकी कार मध्यमग्राम में रुकी, तभी पीछा कर रहे बाइक सवार बदमाशों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। हमलावर कार को मौके पर ही छोड़कर बाइक से फरार हो गए, ताकि पुलिस सिलीगुड़ी वाले फर्जी पते पर भटकती रहे।

सियासी उबाल और पुलिस की टीमें

भले ही पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है, लेकिन मध्यमग्राम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस सिलीगुड़ी से लेकर मध्यमग्राम तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी की इस तरह सरेराह हत्या के बाद भाजपा ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।

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