KNEWS DESK – बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दिवंगत पूर्व पति और बिजनेसमैन संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने एक अहम फैसला लेते हुए मध्यस्थ की नियुक्ति की है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह एक पारिवारिक विवाद है और इसे परिवार के भीतर ही सुलझाया जाना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सार्वजनिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने से भी सख्ती से बचने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि इस मामले को किसी भी तरह से सार्वजनिक मनोरंजन का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
डी.वाई. चंद्रचूड़ होंगे मध्यस्थ
इस विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया है ताकि विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।
क्या है पूरा मामला?
संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति और पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर उनकी मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर के बीच विवाद शुरू हुआ था। 80 वर्षीय रानी कपूर ने अदालत में ट्रस्ट को अमान्य घोषित करने की मांग की थी।
इस पर पहले भी कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी बातचीत और मध्यस्थता से समाधान निकालने का सुझाव दिया था, जिसे अब औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि पारिवारिक विवादों को सार्वजनिक बहस या मनोरंजन का विषय नहीं बनाना चाहिए और इसे परिवार तक ही सीमित रखना चाहिए।