Knews Desk-यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 की घोषणा के साथ एक बार फिर 2016 की टॉपर सौम्या पटेल का नाम सुर्खियों में आ गया है। करीब एक दशक पहले उन्होंने जो रिकॉर्ड बनाया था, वह आज भी छात्रों के लिए एक मिसाल बना हुआ है।रायबरेली की रहने वाली सौम्या पटेल ने 2016 में 98.67% अंक हासिल कर Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा था। यह स्कोर इतना शानदार था कि अब तक कोई भी छात्र इसे पार नहीं कर पाया है। हर साल जब भी यूपी बोर्ड के नतीजे घोषित होते हैं, एक सवाल जरूर उठता है क्या इस बार कोई इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएगा?

आज जब लाखों छात्र अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, सौम्या का नाम फिर चर्चा में है। प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक, छात्र और शिक्षक दोनों ही उनके रिकॉर्ड को याद करते हैं। उन्होंने न सिर्फ टॉप किया, बल्कि यह भी साबित किया कि मेहनत और लगन से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है। उनकी सफलता को अक्सर “अंकों का एवरेस्ट” कहा जाता है, क्योंकि इतने उच्च प्रतिशत तक पहुंचना आसान नहीं है। यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा का परिणाम नहीं थी, बल्कि लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का नतीजा थी।
IAS बनने की राह पर सौम्या पटेल
हाई स्कूल में शानदार सफलता के बाद सौम्या पटेल ने अपने लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC Civil Services Examination को पास करना। वह Tina Dabi से प्रेरित होकर आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं और प्रशासनिक सेवा में देश की सेवा का सपना देख रही हैं। सरांवा गांव के लोगों के मुताबिक, सौम्या इन दिनों दिल्ली में रहकर पूरी लगन से तैयारी कर रही हैं। दिन-रात की मेहनत के साथ वह अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ रही हैं, वहीं उनके पिता को उनकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व है।
सौम्या पटेल की कहानी आज भी लाखों छात्रों को प्रेरित करती है। हर साल नए टॉपर्स सामने आते हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड अभी भी अटूट है। अब देखना यह होगा कि 2026 के नतीजों में कोई नया छात्र इस ऐतिहासिक उपलब्धि को चुनौती दे पाता है या नहीं।