दिल्ली में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में उछाल, 6000 मेगावाट के पार पहुंचा आंकड़ा
Knews Desk –राजधानी नई दिल्ली में गर्मी लगातार अपना असर दिखा रही है, और इसके साथ ही बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को इस साल पहली बार बिजली की अधिकतम मांग 6000 मेगावाट के पार पहुंच गई, जो आने वाले दिनों में और बढ़ने के संकेत दे रही है। तापमान में तेज बढ़ोतरी और हीटवेव जैसी स्थिति के चलते बिजली की खपत में यह उछाल देखा जा रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के रिज क्षेत्र में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। यही वजह है कि लोग दिन-रात एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

बिजली वितरण कंपनियों के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बिजली की अधिकतम मांग 6020 मेगावाट तक पहुंच गई। वहीं, रात 12 बजे भी मांग 5694 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत है कि रात में भी खपत काफी ज्यादा बनी हुई है। इसके अलावा न्यूनतम मांग में भी वृद्धि देखी गई है। बुधवार को न्यूनतम मांग 4083 मेगावाट रही, जो अगले दिन सुबह बढ़कर 4124 मेगावाट तक पहुंच गई विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, बिजली की मांग भी उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी। अगर मौसम का यही रुख बना रहा, तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग 6500 मेगावाट या उससे भी अधिक तक पहुंच सकती है। यह स्थिति बिजली वितरण कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
हालांकि, बिजली कंपनियों का कहना है कि वे इस बढ़ती मांग को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही इंतजाम किए हुए हैं। पावर खरीद समझौते, बैकअप व्यवस्था और ग्रिड मैनेजमेंट के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की कटौती का सामना न करना पड़े।दिल्ली में हर साल गर्मियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन इस बार शुरुआती दौर में ही मांग का 6000 मेगावाट पार करना यह दर्शाता है कि गर्मी इस बार ज्यादा तीव्र हो सकती है। इसके अलावा शहरीकरण, बढ़ती आबादी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग ने भी बिजली की खपत को बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली का उपयोग सोच-समझकर करें। अनावश्यक उपकरण बंद रखें, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का इस्तेमाल करें और पीक आवर्स में बिजली की खपत को कम करने की कोशिश करें। इससे न केवल बिजली बिल कम होगा, बल्कि पूरे सिस्टम पर दबाव भी घटेगा।