बंगाल-तमिलनाडु में पहले चरण की वोटिंग जारी , बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव अपने चरम पर है। दोनों राज्यों में पहले चरण की वोटिंग शुरू हो चुकी है, जहां करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार चुनाव को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। इस चरण को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। राज्य में करीब 3.4 करोड़ मतदाता मतदान कर रहे हैं और उनके लिए सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 2407 कंपनियों को तैनात किया है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग हर 100 से 130 मतदाताओं पर एक सुरक्षाकर्मी मौजूद है।

संवेदनशील इलाकों में बरती जा रही खास सतर्कता

संवेदनशील इलाकों में खास सतर्कता बरती जा रही है। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मतदान में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पहले चरण में नंदीग्राम, सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, मालदा, मुर्शिदाबाद, आसनसोल और बांकुड़ा जैसी अहम सीटों पर वोटिंग हो रही है। नंदीग्राम सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, जहां राजनीतिक मुकाबले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। इसके अलावा बहरामपुर, खड़गपुर सदर और दोमकल सीटें भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। बंगाल में चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की भारी तैनाती पर सियासत भी तेज हो गई है। जहां एक ओर बीजेपी इसे सुरक्षा के लिए जरूरी बता रही है, वहीं टीएमसी ने इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर केंद्रीय बलों के गश्त और बख्तरबंद गाड़ियों के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो सुरक्षा के सख्त इंतजामों को दिखाते हैं।

2016 और 2021 के चुनावों में देखने को मिली थी हिंसा

दरअसल, पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है। 2016 और 2021 के चुनावों में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें कई लोगों की जान गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मतदान खत्म होने के बाद भी करीब 500 कंपनियां राज्य में तैनात रहेंगी। वहीं, तमिलनाडु में भी 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। राज्य में कुल 5.73 करोड़ मतदाता चुनावी मैदान में उतरे 4618 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। यहां करीब 75 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 5,938 को संवेदनशील घोषित किया गया है।

तमिलनाडु में करीब 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात

तमिलनाडु में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राज्य भर में करीब 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिनमें पुलिस, अर्धसैनिक बल, होमगार्ड और सेवानिवृत्त सैनिक शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय बलों की 295 कंपनियां भी सुरक्षा में लगी हुई हैं। संवेदनशील इलाकों में हथियारबंद जवानों की तैनाती की गई है और लगातार गश्त की जा रही है। राज्य में 514 वाहनों के जरिए विशेष बलों की गश्त जारी है, जबकि 1,100 त्वरित प्रतिक्रिया दल भी अलर्ट मोड पर हैं। चेन्नई समेत पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *