डिजिटल डेस्क- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जरूरी सामान और कारोबारी जहाजों के आवागमन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल के शांत होने के संकेत मिल रहे हैं। ईरान ने एक विशेष प्रोटोकॉल के तहत मानवीय सहायता और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ले जाने वाले जहाजों खासकर कार्गो शिप और तेल-गैस टैंकरों को अपने जलक्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी है। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों तक इन जहाजों के सुरक्षित आवागमन को भी हरी झंडी दे दी गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ दिनों से इस समुद्री मार्ग पर अनिश्चितता के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट की आशंका गहरा गई थी।
अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर लागू रहेगा प्रतिबंध
ईरान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को छोड़कर बाकी सभी देशों के कारोबारी जहाजों को इस मार्ग से सुरक्षित आयात-निर्यात की अनुमति होगी। इससे एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के देशों को बड़ी राहत मिली है, जो तेल और गैस की आपूर्ति के लिए इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर हैं। दरअसल, एक अप्रैल को ही ईरान की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने शुरू हो गए थे। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य का फैसला केवल ईरान और ओमान करेंगे। इसके बाद भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने भी भरोसा दिलाया था कि भारतीय हित सुरक्षित हैं। इन संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक बातचीत तेज हुई।
अमेरिका इस मार्ग पर निर्भर नहीं- ट्रंप
बताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस मार्ग पर निर्भर नहीं है, कई देशों ने सीधे ईरान से बातचीत शुरू की। इन चर्चाओं में भारत समेत कई बड़े देश वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और समाधान निकालने की कोशिश की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के इस फैसले के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक ओर जहां मित्र देशों और व्यापारिक साझेदारों का दबाव था, वहीं दूसरी ओर मानवीय सहायता की जरूरत भी एक बड़ा कारण बनी। लगातार संघर्ष के कारण ईरान को जरूरी दवाइयों और अन्य सामान की आपूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में लंबे समय तक होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखना उसके लिए खुद नुकसानदायक साबित हो सकता था।