डिजिटल डेस्क- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद भवन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक सफलतापूर्वक पूरी कर ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में सरकार ने विपक्ष को देश की मौजूदा स्थिति और रणनीति से अवगत कराया और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बड़ा आश्वासन दिया। करीब पौने दो घंटे चली इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। बैठक की शुरुआत राजनाथ सिंह के संबोधन से हुई, जिसके बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। सरकार की ओर से साफ संदेश दिया गया कि इस संकट के दौर में भारत के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि देश की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी कर ली गई है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।
पेट्रोल-डीजल और LPG पर बड़ा अपडेट
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने बैठक में स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। एलपीजी और पेट्रोलियम के लिए अग्रिम बुकिंग कर ली गई है और विभिन्न देशों से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बातचीत का दायरा भी बढ़ाया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि दो एलपीजी जहाज पश्चिमी तट पर पहुंचने वाले हैं, जिनमें करीब 92 हजार टन गैस लदी हुई है। बीते दिन देशभर में लगभग 58 लाख एलपीजी बुकिंग दर्ज की गई, लेकिन घरेलू गैस की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थिति नियंत्रण में
सरकार ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। बताया गया कि अब तक भारत के चार जहाज सुरक्षित रूप से वहां से निकल चुके हैं और कुछ अन्य जहाज भी जल्द बाहर आ जाएंगे। यह भारत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासतौर पर तब जब कई अन्य देशों के जहाज अब भी फंसे हुए हैं। बैठक में सरकार ने विपक्ष और देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। ऊर्जा आपूर्ति, कच्चे तेल और गैस की उपलब्धता पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार ने विपक्ष को यह भी भरोसा दिलाया कि किसी भी जानकारी के लिए वे कभी भी संपर्क कर सकते हैं।
पीएम मोदी का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही संसद में कहा था कि यह संकट वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है, लेकिन भारत इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत युद्ध नहीं चाहता और शांति के पक्ष में है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी बातचीत हुई, जिसमें भारत का रुख साफ रखा गया। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। विपक्ष की ओर से भी कई दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने बैठक से दूरी बनाई।