पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक सफलता, ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की दी अनुमति

KNEWS DESK- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ टेलीफोनिक बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

सूत्रों ने बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों की बातचीत का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रखना था, ताकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो। इस दौरान भारत ने वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ भी तालमेल बिठाया। विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov और फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot से भी बातचीत की। इन वार्ताओं का मकसद समुद्री व्यापारिक मार्गों को खुला रखना और वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित होने से बचाना था।

ईरान ने यह विशेष रियायत भारत को ऐसे समय में दी है जब अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों पर इस मार्ग पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। भारतीय टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति देना भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का ट्रैफिक लगभग 90% तक कम हो गया है और कई देशों के टैंकर मार्ग में फंसे हुए हैं।

इस पहल से भारत न केवल अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह कदम भारत की सक्रिय विदेश नीति और संकट प्रबंधन क्षमता को उजागर करता है, जो तनावपूर्ण समय में भी देश के हितों की रक्षा सुनिश्चित करती है।

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