डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज एक अत्यंत भावुक और गरिमापूर्ण राजनीतिक एकजुटता की साक्षी बनी। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर शाम उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घड़ी में राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी भेंट की और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश की उस राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है जहाँ व्यक्तिगत दुखों के समय वैचारिक मतभेद गौण हो जाते हैं।
अखिलेश, डिंपल और शिवपाल ने दी अंतिम विदाई
प्रतीक यादव के निधन की खबर के बाद उनके आवास पर सुबह से ही शोक और संवेदनाओं का माहौल बना रहा, जहाँ परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का जमावड़ा लगा रहा। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव अपने छोटे भाई के जाने से बेहद मर्माहत नजर आए और सुबह से ही सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आने वाले आगंतुकों के बीच मौजूद रहे। वहीं, मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने इस कठिन घड़ी में धैर्य का परिचय देते हुए परिवार की महिलाओं और अपर्णा यादव को संभाला। साथ ही, चाचा शिवपाल सिंह यादव ने भी अपने भतीजे को नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अंतिम यात्रा की तैयारियों की स्वयं निगरानी की।
नेताओं और समर्थकों का लगा रहा तांता
प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देने वालों में केवल परिवार ही नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के बड़े चेहरे भी शामिल थे। भाजपा और समाजवादी पार्टी के कई मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी विक्रमादित्य मार्ग पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक भी अपने चहेते युवा नेता के अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए। श्रद्धांजलि सभा और अंतिम दर्शन के बाद अब परिवार गुरुवार की तैयारियों में जुटा है। प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार कल, 14 मई को दोपहर 12:30 बजे लखनऊ के पिपराघाट पर किया जाएगा। यादव परिवार के पैतृक गांव सैफई से भी कई सदस्यों और करीबियों के लखनऊ पहुंचने का सिलसिला जारी है।