डिजिटल डेस्क- फिलीपींस की राजधानी मनीला से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित देश के ‘लोकतंत्र के मंदिर’ यानी संसद भवन (सीनेट) के भीतर बुधवार को जबरदस्त गोलीबारी हुई। हथियारबंद हमलावरों द्वारा की गई इस ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सदन की कार्यवाही बीच में ही रुक गई और माननीय सांसदों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर संसद की सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए भीतर दाखिल हुए और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों का कहना है कि गोलियों की आवाज सुनते ही सुरक्षाकर्मी सक्रिय हो गए, लेकिन तब तक हमलावर सदन के महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुंच चुके थे। फायरिंग की आवाज से सीनेट के गलियारे गूँज उठे, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और आगंतुकों में भगदड़ मच गई।
सांसदों ने खुद को कमरों में किया कैद
जैसे ही फायरिंग की पुष्टि हुई, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी सांसदों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। कई सांसदों ने खुद को अपने ऑफिस और संसद के अन्य कमरों के भीतर बंद कर लिया। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबर आ रही है कि कुछ सांसदों ने डर के मारे कमरों में मेजों के नीचे शरण ली और लाइटें बंद कर दीं ताकि हमलावरों की नजर उन पर न पड़े। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और ‘लॉकडाउन’ घोषित कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों की जवाबी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही फिलीपींस पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और सेना की टुकड़ियाँ संसद भवन पहुंच गईं। फिलहाल हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ की भी खबरें हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर कितने थे और उनका मकसद क्या था। क्या यह कोई आतंकी हमला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश, इसकी अभी पुष्टि होना बाकी है। अभी तक इस हमले में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की जान गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें संसद के बाहर तैनात कर दी गई हैं। सरकार के प्रवक्ताओं ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। राष्ट्रपति कार्यालय इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।