भाजपा पर भरोसा नहीं, गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस करे तहकीकात…. यौन शोषण मामले में बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

डिजिटल डेस्क- धार्मिक जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। POCSO कोर्ट के निर्देश पर रविवार को उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के लिए टीम वाराणसी (बनारस) पहुंच चुकी है और आवश्यकता पड़ने पर हिरासत में लिया जा सकता है। यह मामला दो नाबालिग लड़कों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि पिछले वर्ष एक कैंप में और प्रयागराज में आयोजित 2025 के महाकुंभ के दौरान भी उनके साथ दुराचार हुआ। हालांकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

हमारा अंतःकरण हमारे साथ, हम कैमरों की जद में थे

एफआईआर दर्ज होने के बाद मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “हमारा अंतःकरण हमारे साथ है। हम निर्दोष हैं। जो कहानी गढ़ी गई है, वह झूठी सिद्ध होगी। पुलिस ने हमारे साथ ज्यादती की है। हम कैमरों की जद में थे।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासित प्रदेश की पुलिस पर उन्हें भरोसा नहीं है और वे चाहते हैं कि इस मामले की जांच गैर-भाजपा शासित राज्य की पुलिस करे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी कोई भी हो, वे पूरा सहयोग करेंगे। स्वामी ने यह भी कहा कि “अभी गिरफ्तारी की स्थिति नहीं है, लेकिन यदि पुलिस हमें गिरफ्तार करती है तो हम विरोध नहीं करेंगे। जनता सब देख रही है। सच सामने आएगा।” उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रयागराज में हर जगह कैमरे लगे हैं, जिससे सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।

झूंसी थाने में दर्ज की गई पॉक्सो

इस बीच, प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धाराएं 5, 6, 3, 4(2), 16 और 17 लगाई गई हैं। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने पुष्टि की कि कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज किया गया है। यह आदेश पॉक्सो जज विनोद कुमार चौरसिया द्वारा शनिवार को दिया गया था। जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में वादी शंकुरी पीठाधीश्वर आशुतोष महाराज की याचिका पर हुई है। शिकायत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा तीन अज्ञात लोगों का भी नाम शामिल है।

राजनीतिक साजिश दिया करार

स्वामी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि “गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की हमारी मांग को दबाने के लिए यह कुत्सित प्रयास है। कुछ लोग हिंदू चोला पहनकर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन शंकराचार्य वश में नहीं आने वाले।” फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप गंभीर हैं और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

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