Knews Desk –उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट समय पर जारी करने में शिक्षकों की अहम भूमिका रही। परीक्षा के बाद कॉपियों के मूल्यांकन का काम तेजी से पूरा किया गया, जिसकी वजह से बोर्ड समय पर परिणाम घोषित कर सका। इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षकों को उनकी मेहनत का उचित भुगतान भी किया गया है। जानकारी के अनुसार, यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा की लगभग 2.75 करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। यह काम प्रदेशभर में बनाए गए 254 मूल्यांकन केंद्रों पर पूरा हुआ। यह पूरा मूल्यांकन कार्य 18 मार्च से 4 अप्रैल के बीच यानी लगभग 15 दिनों में संपन्न किया गया।

कॉपी चेक करने पर कितना मिलता है पैसा?
यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार:
- 10वीं की कॉपी चेक करने पर शिक्षकों को ₹14 प्रति कॉपी मिलते हैं
- 12वीं की कॉपी चेक करने पर ₹15 प्रति कॉपी का भुगतान किया जाता है
इस आधार पर शिक्षकों को उनके मूल्यांकन कार्य का भुगतान किया जाता है।
कुल कितनी हुई कमाई?
करीब 2.75 करोड़ कॉपियों के मूल्यांकन के आधार पर शिक्षकों को कुल मिलाकर 38 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। यह राशि पूरी तरह उनके मूल्यांकन कार्य के लिए दी गई है।
एक शिक्षक ने कितनी कमाई की?
नियमों के अनुसार, एक शिक्षक एक दिन में लगभग 45 से 50 कॉपियां जांच सकता है। पूरी मूल्यांकन अवधि में एक शिक्षक अधिकतम करीब 800 कॉपियां तक जांच करता है। अगर औसतन ₹15 प्रति कॉपी के हिसाब से गणना की जाए, तो एक शिक्षक ने इस काम से लगभग ₹10,000 से ₹12,000 तक की कमाई की है।
मूल्यांकन प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?
कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया यूपी बोर्ड परीक्षा प्रणाली का सबसे अहम हिस्सा होती है। इसी के आधार पर लाखों छात्रों का रिजल्ट तैयार किया जाता है। इस साल भी लगभग 50 लाख छात्रों का रिजल्ट समय पर जारी किया गया, जिससे छात्रों का लंबा इंतजार खत्म हुआ। यूपी बोर्ड की कॉपी मूल्यांकन प्रक्रिया में शिक्षकों की मेहनत और समय की बड़ी भूमिका रही। तेज़ और पारदर्शी मूल्यांकन के चलते न केवल समय पर रिजल्ट जारी हुआ, बल्कि शिक्षकों को उनके काम का उचित पारिश्रमिक भी मिला। कुल मिलाकर यह प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।