आप में बगावत पर भगवंत मान का पलटवार, बोले- गद्दार गए तो फर्क नहीं…

डिजिटल डेस्क- आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद सियासत गरमा गई है। इस घटनाक्रम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोगों के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, “पार्टी और संगठन व्यक्ति से बड़ा होता है। जो लोग आज गए हैं, उन्हें कभी जनता के बीच जाकर वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी, इसलिए उनका कोई जनाधार नहीं है।” मान ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि “भाजपा जिस पार्टी से विलय करती है, उसे धीरे-धीरे निगल जाती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता आज पार्टी छोड़कर गए हैं, वे अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नहीं, बल्कि “अपनी जान बचाने” के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में जाने के बाद भी उनका कोई भविष्य नहीं होगा और उन्हें केवल इस्तेमाल कर छोड़ दिया जाएगा।

सीएम ने किया बड़े नेताओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कप्तान अमरिंदर सिंह और मनप्रीत बादल का जिक्र किया, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। मान ने कहा कि इन बड़े चेहरों के जाने से भी जनता पर कोई असर नहीं पड़ा और आज उनका जनाधार कमजोर हो चुका है। वहीं, सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा देशभर में लोकतंत्र को कमजोर करने का एक ही “मॉडल” अपना रही है। उनके मुताबिक, चुनाव आते ही भाजपा विपक्षी नेताओं को या तो एजेंसियों के जरिए डराती है या लालच देकर अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है।

सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भी बोला हमला

मीत हेयर ने इस संदर्भ में हिमंता बिस्वा सरमा, अजित पवार, रवनीत सिंह बिट्टू और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि यह पैटर्न पूरे देश में देखा जा सकता है। उन्होंने खास तौर पर राघव चड्ढा का जिक्र करते हुए कहा कि जिस नेता को अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, उसका इस तरह पार्टी छोड़ना नैतिकता के खिलाफ है। AAP नेताओं के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि पार्टी इस घटनाक्रम को सीधे तौर पर “राजनीतिक साजिश” के रूप में देख रही है। वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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