KNews Desk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद पर कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज पुरानी FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ी हैं। इससे पहले उनके खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज था। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ महीने पुराने इस मामले ने उस समय फिर तूल पकड़ लिया, जब 3 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने संजय आजाद पर कड़े यानी ब्रेसलेट से हमला किया था। इस हमले में संजय के सिर पर 60 टांके लगने की बात सामने आई है। संजय आजाद के दलित समुदाय से होने के कारण मामले में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और संगठनों की ओर से दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सक्रिय होने की भी बात कही गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस इस मामले में स्वतंत्र से पूछताछ भी कर चुकी है।
BNS की धारा 115(2) के तहत चोट पहुंचाने के मामले में सजा का प्रावधान है, जबकि धारा 126(2) से संबंधित अपराध में जेल या जुर्माने की सजा हो सकती है। मामले की परिस्थितियों और आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
इसके अलावा, अगर संजय आजाद की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस हत्या के प्रयास यानी अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा जोड़ती है, तो स्वतंत्र की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इस अपराध में गंभीर सजा का प्रावधान है।
SC-ST एक्ट लगने के बाद क्या बदलेगा?
FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जुड़ने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि किसी आरोपी को कितने समय तक जेल में रहना होगा, यह केवल धाराएं लगने से तय नहीं होता। गिरफ्तारी, पुलिस रिमांड, न्यायिक हिरासत और जमानत पर फैसला अदालत मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर करती है।
स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और खुद को स्वतंत्रता सेनानी बताते हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। वहीं, स्वतंत्र भारद्वाज का दावा है कि उन्होंने यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की थी। अब FIR में नई धाराएं जुड़ने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।