KNEWS DESK- देशभर में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बड़ी संख्या में भक्त व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं. कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग फलाहार करते हैं. व्रत खोलते समय अक्सर साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी या रोटी और आलू से बनी चीजें खाई जाती हैं.
लेकिन क्या सिर्फ इन्हीं चीजों पर निर्भर रहना सेहत के लिए सही है?
साबूदाना और आलू की ज्यादा मात्रा से बचें
डायटिशियन गीतिका चोपड़ा के मुताबिक, व्रत का मतलब रोज के खाने की जगह बड़ी मात्रा में साबूदाना, आलू या कुट्टू खाना नहीं है. साबूदाना और आलू मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देते हैं. अगर इनकी मात्रा बहुत ज्यादा हो जाए और भोजन में प्रोटीन व फाइबर कम रहे, तो डाइट असंतुलित हो सकती है.
पूरे दिन खाली पेट रहने के बाद एक साथ भारी मात्रा में खाना खाने से गैस, अपच और पेट से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है, जिसके बाद कुछ लोगों को जल्दी भूख लगने या ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है.
कुट्टू कैसे है बेहतर विकल्प?
कुट्टू में साबूदाना और आलू की तुलना में फाइबर और प्लांट प्रोटीन अधिक होता है. हालांकि, कुट्टू की पूरी या पकौड़ी अगर ज्यादा तेल में तली जाए तो कैलोरी और फैट काफी बढ़ सकता है. इसलिए इसे भी सीमित मात्रा में खाना बेहतर है.
व्रत में ऐसे बनाएं बैलेंस
साबूदाना खिचड़ी बनाते समय उसमें मूंगफली और सब्जियां शामिल कर सकते हैं. कुट्टू की रोटी के साथ दही, पनीर या सब्जी लें. आलू को भोजन का मुख्य हिस्सा बनाने के बजाय कम मात्रा में रखें.
व्रत के दौरान दही, पनीर, दूध, मखाना, मेवे, बीज, नारियल पानी और मौसमी फलों को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है. इससे भोजन में प्रोटीन, अच्छे फैट और फाइबर का संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
व्रत में ये विकल्प आजमा सकते हैं
- सामक चावल + दही + सब्जियां
- पनीर टिक्का या पनीर की सब्जी
- थोड़े घी में भुना मखाना
- दही + मेवे + बीज
- कुट्टू की रोटी + पनीर/दही + सब्जी
- सिंघाड़े के आटे का चीला + पनीर या दही
- मूंगफली और सब्जियों वाली साबूदाना खिचड़ी
- फल + थोड़े मेवे
- दूध या बिना चीनी की लस्सी
- भुनी मूंगफली, बादाम और अखरोट
व्रत में भी संतुलित मात्रा में खाना, पर्याप्त पानी पीना और तली हुई चीजों को सीमित रखना जरूरी है. अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत के दौरान खानपान में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह लेना बेहतर है.