KNEWS DESK- नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तबाही का मंजर लगातार सामने आ रहा है। बाढ़ में बह गए लोगों के शव अब कई स्थानों पर नदियों की धारा से बरामद किए जा रहे हैं। रसुवा, नूवाकोट, चितवन, तानाहुन, नवलपरासी, गोरखा समेत कई जिलों से गुजरने वाली नदियों में शव मिलने की जानकारी सामने आई है।
बरामद शवों को पहचान के लिए अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से रखा गया है। शवों की संख्या काफी अधिक होने के कारण अस्पतालों के नियमित मुर्दाघरों के अलावा अस्थायी मुर्दाघर भी बनाए गए हैं। इन स्थानों पर परिजन पहुंचकर आपदा में मारे गए लोगों की पहचान कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से शवों की पहचान और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने का काम जारी है।
भोटे कोशी के बाद त्रिशूली और नारायणी में बढ़ा खतरा
भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इसके बाद बाढ़ का पानी त्रिशूली और नारायणी नदियों में भी पहुंच गया। इससे इन नदियों के किनारे बसे कई शहरों और कस्बों में हालात बिगड़ गए। तेज बहाव के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई इलाकों में संपर्क भी बाधित हुआ।
बाढ़ के बाद से नेपाल में खोज और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। वहीं, नदियों में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
तिब्बत में फंसे करीब 400 भारतीय सुरक्षित
इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से राहत की खबर सामने आई है। मंत्रालय के अनुसार, तिब्बती क्षेत्र में फंसे करीब 400 भारतीयों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। ये सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं। शुक्रवार शाम तक इनमें से 153 भारतीय सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्हें भारत वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा नेपाल से भी 85 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है।
हालांकि, नेपाल में अब भी करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा लगभग 100 भारतीय मूल के लोग भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ ऐसे यात्री भी शामिल हैं, जिनकी नागरिकता भारत के अलावा अन्य देशों की है। ऐसे में लापता लोगों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए राहत एजेंसियों का अभियान लगातार जारी है।