भारत में 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लागू होने की चर्चा के बीच विदेशों में डिजिटल पेमेंट करने वाले भारतीयों के मन में भी सवाल उठ रहे हैं. जानिए फ्रांस से सिंगापुर तक UPI के इस्तेमाल पर नए नियमों का क्या असर पड़ेगा.
Knews Desk- भारत में UPI पेमेंट से जुड़े नए नियमों को लेकर चर्चा तेज है. 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की घोषणा के बाद विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या विदेशी दुकानों पर UPI से भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा.
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के तहत कई देशों में UPI के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध है. इनमें फ्रांस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल और मॉरीशस जैसे देश शामिल हैं. हालांकि, घरेलू UPI नियमों और अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था के बीच अंतर समझना जरूरी है.
विदेशों में UPI पेमेंट पर क्या लागू होगा?
मौजूदा जानकारी के अनुसार, भारत में प्रस्तावित 0.4% MDR व्यवस्था घरेलू मर्चेंट पेमेंट्स के लिए है. विदेशों में UPI के जरिए भुगतान करने वाले भारतीय यात्रियों पर इस घरेलू शुल्क का सीधा असर नहीं पड़ेगा.
अंतरराष्ट्रीय UPI ट्रांजेक्शन विदेशी बैंकों और भुगतान साझेदारों के साथ हुए समझौतों, मुद्रा विनिमय दरों और संबंधित देशों के नियमों के तहत संचालित होते हैं. इसलिए विदेश में भुगतान करते समय लगने वाले शुल्क घरेलू MDR से अलग हो सकते हैं.
इन 11 देशों में उपलब्ध है UPI की सुविधा
NPCI International Payments Limited (NIPL) के नेटवर्क के तहत UPI की सुविधा इन देशों में सक्रिय है:
- फ्रांस
- सिंगापुर
- संयुक्त अरब अमीरात
- कतर
- ग्रीस
- नेपाल
- भूटान
- श्रीलंका
- मालदीव
- कंबोडिया
- मॉरीशस
विदेश में UPI से भुगतान कैसे होता है?
जब कोई भारतीय यात्री विदेश में किसी दुकान या आउटलेट पर UPI QR कोड स्कैन करता है, तो भुगतान उसके भारतीय बैंक खाते से होता है. भुगतान की राशि भारतीय रुपये में खाते से कट सकती है, जबकि विदेशी मर्चेंट को स्थानीय मुद्रा में रकम प्राप्त होती है.
इस प्रक्रिया में मुद्रा विनिमय दर और संभावित विदेशी मुद्रा शुल्क की भूमिका होती है. भुगतान करने से पहले ऐप पर दिखाई जाने वाली राशि और शुल्क की जानकारी देखना जरूरी है.
भारत में 15 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
घरेलू स्तर पर 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लागू करने की घोषणा की गई है. इस शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन बताई गई है.
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी कुछ श्रेणियों के लिए 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट चार्ज प्रस्तावित है. वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) पैसे भेजने की व्यवस्था पर इस बदलाव का असर नहीं बताया गया है.
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि MDR का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाना चाहिए. ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय UPI पेमेंट के नियमों को अलग-अलग समझना जरूरी है.