पारादीप के पास समुद्र में फंसे बेलीज के झंडे वाले MT Seagull 9 में इंजन फेल होने के बाद बैलास्ट टैंक में पानी भरने लगा था। जहाज के एक तरफ झुकने से उसके पलटने का खतरा बढ़ गया था।
Knews Desk– भारतीय तटरक्षक बल ने ओडिशा के पारादीप से करीब 37 नॉटिकल मील पूर्व-दक्षिण-पूर्व में समुद्र में फंसे विदेशी केमिकल टैंकर ‘MT Seagull 9’ को डूबने से बचा लिया। जहाज पर 9,000 मीट्रिक टन पाम ऑयल लदा हुआ था और उसके 23 क्रू मेंबर सवार थे। समय रहते की गई कार्रवाई के बाद सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और जहाज को भी स्थिर कर लिया गया।
बताया गया कि 27 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 7 बजे टैंकर से मदद के लिए इमरजेंसी कॉल मिली थी। उस समय जहाज पारादीप से लगभग 37 नॉटिकल मील दूर समुद्र में था। सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल का जहाज ICGS Vishwast मौके पर पहुंचा। कोस्ट गार्ड की स्पेशल डैमेज कंट्रोल टीम ने टैंकर पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
दरअसल, टैंकर का इंजन अचानक फेल हो गया था। इसी दौरान बैलास्ट टैंक में तेजी से समुद्री पानी भरने लगा, जिससे जहाज एक तरफ खतरनाक तरीके से झुक गया। ऐसी स्थिति में उसके पलटने और डूबने का खतरा पैदा हो गया था।
कोस्ट गार्ड की टीम ने विशेष डी-फ्लडिंग पंपों की मदद से जहाज के अंदर जमा पानी को बाहर निकाला। टीम ने दो क्षतिग्रस्त समुद्री पानी की पाइपलाइनों को बंद किया और एक अन्य टूटी पाइपलाइन से हो रहे पानी के रिसाव को भी नियंत्रित किया। इसके साथ ही कार्गो ट्रांसफर और पानी बाहर निकालने की प्रक्रिया एक साथ जारी रखी गई। इन प्रयासों से जहाज को दोबारा स्थिर करने में सफलता मिली।
समुद्री प्रदूषण को रोकने के लिए कोस्ट गार्ड ने एक पॉल्यूशन कंट्रोल वेसल और एक अतिरिक्त ऑफशोर पेट्रोल वेसल को भी घटनास्थल पर भेजा। भुवनेश्वर से कोस्ट गार्ड के डॉर्नियर विमान ने भी इलाके की हवाई निगरानी की। 27 सितंबर को जहाज के आसपास पाम ऑयल की हल्की परत देखी गई थी, लेकिन 28 सितंबर की हवाई निगरानी में यह पूरी तरह खत्म पाई गई। समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था अभी भी सक्रिय है।
हालात नियंत्रण में आने के बाद पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के टग Dolphin ने MT Seagull 9 को पारादीप के पास एंकरज क्षेत्र की ओर टो कर लिया। इसके बाद जहाज के मुख्य इंजन की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। ICGS Vishwast समेत कोस्ट गार्ड की अन्य टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।