स्पेन में रेल सुरक्षा पर उठे सवाल, दो बड़े हादसों के बाद परिवहन मंत्री ने छोड़ा पद

स्पेन में हाई-स्पीड ट्रेनों के दो भीषण हादसों में 115 लोगों की मौत के बाद परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने इस्तीफे का ऐलान किया है। हालिया हादसे में 69 लोगों की जान गई थी, जबकि इससे पहले जनवरी में हुए रेल हादसे में 46 लोगों की मौत हुई थी।

Knews Desk – स्पेन में लगातार हुए दो बड़े रेल हादसों के बाद परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने पद छोड़ने का फैसला किया है। हालिया हाई-स्पीड ट्रेन टक्कर में 69 लोगों की मौत के बाद देश की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस साल जनवरी में हुए एक अन्य रेल हादसे में भी 46 लोगों की जान गई थी। दोनों हादसों में कुल 115 लोगों की मौत हुई है।

एक साल से भी कम समय में दो बड़े हादसे

स्पेन में 28 अक्टूबर को हुए ताजा हादसे में एक हाई-स्पीड ट्रेन ट्रैक पर खड़ी दूसरी ट्रेन से टकरा गई थी। यह दुर्घटना मैड्रिड और सेविले के बीच रेल मार्ग पर उर्दा के पास हुई। हादसे में 69 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले जनवरी में अंडालूसिया क्षेत्र में हुए ट्रेन हादसे में 46 लोगों की जान गई थी। लगातार हुई इन घटनाओं ने देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ऑस्कर पुएंते ने संसद की समिति के सामने पेश होने के बाद इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्पेन जैसे देश में एक साल से भी कम समय के भीतर इतनी गंभीरता वाले दो रेल हादसों के बाद परिवहन मंत्री पद पर बने नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि ताजा हादसे के तुरंत बाद ही उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था, लेकिन राहत कार्यों, शुरुआती जांच और सुरक्षा से जुड़े उपायों को आगे बढ़ाने के लिए पद पर बने रहे।

रेल सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

हादसे के बाद स्पेन सरकार रेल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सुधार की तैयारी कर रही है। मैड्रिड-सेविले रेल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होने तक सेवाओं में कटौती की योजना है। इसके अलावा सिग्नलिंग और सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, नियंत्रण केंद्रों में कामकाज की स्थिति बेहतर बनाने और मानवीय गलतियों की आशंका कम करने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।

लगातार हुए इन हादसों के बाद स्पेन में रेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। परिवहन मंत्री का इस्तीफा इस दुर्घटना के बाद उठाए गए सबसे बड़े राजनीतिक कदमों में से एक माना जा रहा है।

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