Knews Desk– साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड माने जाने वाले आतंकी हमजा बुरहान उर्फ अर्जुमंद गुलजार डार की मौत के बाद उसका जनाजा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पढ़ा गया। इस जनाजे में कई बड़े और मोस्ट वॉन्टेड आतंकी खुलेआम शामिल हुए, जिससे एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकियों की मौजूदगी और संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जनाजे में पहुंचे टॉप आतंकी कमांडर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिजबुल मुजाहिदीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन और अल-बदर आतंकी संगठन का प्रमुख बख्त जमीन खान भी हमजा के अंतिम संस्कार में मौजूद था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कई हथियारबंद आतंकी दिखाई दिए, जो पूरे इलाके में सुरक्षा घेरे में तैनात थे।
बताया गया कि बख्त जमीन खान की सुरक्षा के लिए AK-47 और दूसरे आधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों की तैनाती की गई थी। जनाजे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि ऐसा लग रहा था जैसे किसी बड़े सैन्य अधिकारी की सुरक्षा की जा रही हो।
PoK में हुई थी हत्या
हमजा बुरहान की हत्या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने उसके ऑफिस के बाहर फायरिंग की, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे क्या वजह थी, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ISI से करीबी संबंधों का दावा
भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, हमजा बुरहान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का करीबी माना जाता था। उस पर भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकियों के नेटवर्क को संचालित करने के आरोप थे। कहा जाता है कि वह PoK में एक कथित “माचिस फैक्ट्री” से अपना नेटवर्क चला रहा था।
पुलवामा हमले से जुड़ा था नाम
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जांच एजेंसियों ने हमजा बुरहान को इस हमले की साजिश से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल बताया था।