Knews Desk- चीन में हर साल होने वाली सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा गाओकाओ (Gaokao) को लेकर इस बार प्रशासन ने बेहद सख्त और असामान्य कदम उठाए हैं। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जिसमें लाखों छात्र विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए हिस्सा लेते हैं।
परीक्षा के दौरान छात्रों को शांत और बिना किसी बाधा के वातावरण देने के लिए कई शहरों और क्षेत्रों में “इमरजेंसी जैसे” इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास शोर-शराबा रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है, यातायात को नियंत्रित किया गया है और कुछ जगहों पर फैक्ट्रियों को अस्थायी रूप से बंद भी किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि गाओकाओ परीक्षा छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की आवाज या व्यवधान को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। कई शहरों में ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।
गाओकाओ परीक्षा चीन की शिक्षा व्यवस्था में बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि इसके स्कोर के आधार पर ही छात्रों को देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलता है। यही कारण है कि इसे लेकर परिवारों और प्रशासन दोनों में काफी गंभीरता रहती है।
हालांकि, फैक्ट्रियों और निर्माण कार्यों पर रोक से कुछ जगहों पर आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, लेकिन सरकार का मानना है कि यह अस्थायी कदम छात्रों के हित में आवश्यक है। गाओकाओ परीक्षा के दौरान चीन में इस तरह के सख्त प्रबंध यह दिखाते हैं कि वहां शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को कितना उच्च महत्व दिया जाता है।