बंगाल के स्कूलों में मिड-डे मील में कम होगा तेल, बच्चों की सेहत सुधारने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

Knews Desk- पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों में मिलने वाले पीएम पोषण यानी मिड-डे मील को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों के भोजन में इस्तेमाल होने वाले खाना पकाने के तेल और एलपीजी गैस की मात्रा में 10 फीसदी तक कटौती की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों को ज्यादा हेल्दी और पौष्टिक भोजन देना है।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह फैसला मुख्य सचिव के निर्देश के बाद लिया गया है। आदेश सभी जिला अधिकारियों, उप-मंडलीय अधिकारियों और स्कूल प्रशासन को भेज दिया गया है। सरकार ने कहा है कि बढ़ते मोटापे और खराब खानपान की आदतों को देखते हुए बच्चों में हेल्दी फूड की आदत डालना बेहद जरूरी हो गया है।

सरकार ने स्कूलों और रसोइयों को निर्देश दिया है कि डीप फ्राई की जगह अब स्टीमिंग, उबालने और ग्रिलिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही बच्चों को कम तेल वाले भोजन के फायदे भी बताए जाएंगे। स्कूलों में हेल्दी डाइट को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी भी की जा रही है।

पीएम पोषण योजना के तहत फिलहाल प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के भोजन में प्रतिदिन 5 ग्राम और उच्च प्राथमिक के छात्रों के लिए 7.5 ग्राम तेल इस्तेमाल किया जाता है। अब इसमें 10 प्रतिशत तक कमी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों में मोटापे की समस्या कम होगी और उनकी लाइफस्टाइल बेहतर बनेगी।

दरअसल, केंद्र सरकार ने भी पिछले साल सभी राज्यों को स्कूल भोजन में तेल का उपयोग कम करने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी ‘परीक्षा पे चर्चा’ और ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बच्चों के बीच बढ़ते मोटापे पर चिंता जताई थी। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में हेल्दी फूड को बढ़ावा देने के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए थे।

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