Knews Desk- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़े भवानीपुर चुनाव विवाद मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अहम निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने मतगणना केंद्र के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से डेटा को डिलीट या नष्ट नहीं किया जाएगा।
यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को चुनौती देते हुए कथित धांधली के आरोप लगाए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं हुई थीं, जिनकी जांच जरूरी है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि शुरुआती 12 राउंड की मतगणना तक स्थिति सामान्य थी और ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन इसके बाद अचानक परिणामों में बड़ा बदलाव देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ एजेंटों के साथ कथित मारपीट की गई और उन्हें मतगणना केंद्र से बाहर कर दिया गया। कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने कथित तौर पर विपक्षी दल के एजेंटों की मदद की और 13वें राउंड के बाद मतगणना प्रक्रिया में असामान्य बदलाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पूरी घटना का रिकॉर्ड सीसीटीवी कैमरों में मौजूद है, जिसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
याचिका में यह भी दावा किया गया कि रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर सवाल उठे हैं। अधिवक्ता ने कहा कि आपत्तियों के बावजूद संबंधित अधिकारी को पद पर बनाए रखा गया और बाद में उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी गई। इसके अलावा तत्कालीन चुनाव आयोग से जुड़े कुछ अधिकारियों के तबादलों पर भी सवाल उठाए गए। ममता बनर्जी की ओर से अदालत में यह भी मांग की गई कि मतगणना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और ईवीएम को सुरक्षित रखा जाए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद स्पष्ट निर्देश दिया कि भवानीपुर मतगणना केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और उसे किसी भी परिस्थिति में नष्ट न किया जाए। मामले की अगली सुनवाई लगभग दो महीने बाद तय की गई है। यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर नए सवाल उठे हैं।